दुनिया के सबसे खूबसूरत हवाई अड्डों में शामिल हुआ गुवाहाटी एयरपोर्ट का टर्मिनल-2
थर्ड आई न्यूज
गुवाहाटी, 16 जुलाई। गुवाहाटी स्थित लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय (एलजीबीआई) हवाई अड्डे के नवनिर्मित टर्मिनल-2 को वर्ष 2026 के लिए प्रतिष्ठित प्रिक्स वर्साय (Prix Versailles) द्वारा दुनिया के सबसे खूबसूरत हवाई अड्डों की सूची में शामिल किया गया है। यह सम्मान आधुनिक वास्तुकला और असम की समृद्ध प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विरासत के अनूठे संगम के लिए प्रदान किया गया है।
असम के प्रसिद्ध कोपौ फूल (फॉक्सटेल ऑर्किड) और बांस से प्रेरित इस टर्मिनल का नाम “द बैम्बू ऑर्किड्स” रखा गया है। इसका डिजाइन यात्रियों को पूर्वोत्तर भारत की सांस्कृतिक पहचान का अनुभव कराते हुए विश्वस्तरीय विमानन सुविधाएं उपलब्ध कराता है।
दूर से देखने पर यह टर्मिनल विशाल बांस के जंगल जैसा प्रतीत होता है। इसके ऊंचे कंक्रीट के स्तंभों को बांस की आकृति से सजाया गया है। अंदर प्रवेश करने पर असम के प्राकृतिक सौंदर्य, जैव विविधता और पर्यटन स्थलों को प्रदर्शित करने वाली विशाल डिजिटल स्क्रीन यात्रियों का स्वागत करती हैं, जिससे यात्रा एक सांस्कृतिक अनुभव में बदल जाती है।
इस अंतरराष्ट्रीय सम्मान के साथ गुवाहाटी हवाई अड्डा दुनिया के छह अन्य प्रतिष्ठित हवाई अड्डों—नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, चीन का ग्वांगझोउ हवाई अड्डा, जर्मनी का फ्रैंकफर्ट हवाई अड्डा और अमेरिका का पिट्सबर्ग अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा—की श्रेणी में शामिल हो गया है। गुवाहाटी और नवी मुंबई, दोनों हवाई अड्डों का संचालन अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (एएएचएल) द्वारा किया जाता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिसंबर 2025 में टर्मिनल-2 का उद्घाटन किया था, जबकि मार्च 2026 से यहां यात्री सेवाएं शुरू हुईं। इसके वास्तुशिल्प डिजाइन का पहली बार फरवरी 2025 में आयोजित एडवांटेज असम 2.0 निवेश शिखर सम्मेलन में अनावरण किया गया था।
नया टर्मिनल यात्रियों के बीच भी काफी लोकप्रिय हो रहा है। इसकी बांस से प्रेरित वास्तुकला, आकर्षक आंतरिक सज्जा और विशाल प्रस्थान लाउंज के साथ लोग तस्वीरें खिंचवाते नजर आते हैं। यात्रियों का कहना है कि यह टर्मिनल असम की सांस्कृतिक पहचान को आधुनिक रूप में प्रस्तुत करता है और अब गुवाहाटी का हवाई अड्डा मुंबई, बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों के अंतरराष्ट्रीय स्तर के हवाई अड्डों की बराबरी करने लगा है।
अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स के अनुसार, टर्मिनल के निर्माण में स्थानीय स्तर पर प्राप्त लगभग 140 मीट्रिक टन बांस का उपयोग किया गया है, जिससे यह प्रकृति-प्रेरित वास्तुकला का देश के सबसे प्रमुख उदाहरणों में शामिल हो गया है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस इस टर्मिनल में डिजीयात्रा, स्मार्ट चेक-इन प्रणाली तथा यात्रियों के लिए विस्तारित सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसे वर्ष 2032 तक प्रतिवर्ष 1.31 करोड़ यात्रियों की क्षमता के अनुरूप विकसित किया गया है, जिससे पूर्वोत्तर भारत की हवाई संपर्क व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि गुवाहाटी का नया टर्मिनल-2 अब केवल एक हवाई अड्डा नहीं, बल्कि असम की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत और वैश्विक पहचान का प्रतीक बनकर उभरा है।

