दिल्ली में विपक्ष के प्रदर्शन को हिमंत विश्व शर्मा ने बताया हताशा का प्रतीक
थर्ड आई न्यूज
हरिद्वार। असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने शनिवार, 10 अक्टूबर को दिल्ली में विपक्षी दलों के प्रदर्शन को हताशा का प्रतीक बताते हुए कहा कि इस तरह के प्रदर्शनों से सरकार का जनकल्याण के प्रति ध्यान प्रभावित नहीं होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष के विरोध के बावजूद सरकार जनता के हित में अपना काम जारी रखेगी।
उत्तराखंड के हरिद्वार में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सरमा ने कहा कि जब विपक्ष हताश होता है, तो वह इस तरह के राजनीतिक प्रदर्शन करता है। उन्होंने कहा, “जब विपक्ष हताश होता है, तो इस तरह का तमाशा करता है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। जनता के लिए काम करते रहिए और जनता अपना आशीर्वाद देती रहेगी।”
मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों के प्रदर्शन के बीच आई है।
उल्लेखनीय है कि गुरुवार, 8 अक्टूबर को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से आयोजित दोपहर के भोज और बैठक के लिए विपक्षी सांसद मध्य दिल्ली स्थित मोएट्स में एकत्र हुए थे। इसके बाद देर शाम नेता राजघाट पहुंचे, जहां उनके साथ हजारों लोग भी शामिल हुए। नेताओं ने लगभग एक घंटे तक धरना दिया। इसके बाद उन्होंने वहां से हटना शुरू कर दिया।
प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली यातायात पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी के कई इलाकों में व्यापक यातायात प्रतिबंधों की घोषणा की थी। विशेष रूप से ट्रकों और अन्य बड़े वाणिज्यिक यात्री वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई गई थी। प्रतिबंधों के दायरे में दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की बसें भी शामिल थीं, जो राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में यात्रियों के आवागमन का प्रमुख साधन हैं।

