होजाई में दुर्गोत्सव की धूम, वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच स्थापित हुईं मां दुर्गा की प्रतिमाएं
थर्ड आई न्यूज
होजाई से रमेश मुंदड़ा
बेलवरण के साथ शुरू हुआ पूजा उत्सव, भव्य पंडाल और आकर्षक झांकियां बनीं श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र
जिले में शारदीय दुर्गोत्सव हर्षोल्लास और धार्मिक उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। बेलवरण की पारंपरिक रस्म के साथ शहर के विभिन्न पूजा पंडालों में वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित की गईं। सुबह से ही पूजा समितियों के सदस्यों में खासा उत्साह देखने को मिला। शिल्पकारों के यहां से मां की प्रतिमाओं को ससम्मान पूजा मंडपों तक लाने के लिए विशेष तैयारियां की गई थीं।
इस वर्ष शहर में विभिन्न पूजा समितियों की ओर से भव्य पंडालों और अनूठी झांकियों का निर्माण किया गया है, जो श्रद्धालुओं और दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ सजावट और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी दुर्गोत्सव की रौनक बढ़ा दी है।
शिवबाड़ी सार्वजनिक दुर्गापूजा की पुरानी परंपरा :
होजाई की प्रमुख दुर्गापूजाओं में शिवबाड़ी सार्वजनिक दुर्गापूजा का विशेष स्थान है। वर्ष 1935 से निरंतर आयोजित हो रही यह पूजा अपनी विशालकाय मां दुर्गा की प्रतिमा, पारंपरिक वैदिक अनुष्ठानों और भव्य मेले के लिए प्रसिद्ध है। यहां हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु कतारबद्ध होकर मां के दर्शन करते हैं।
आदर्श दुर्गापूजा समिति का आकर्षक पंडाल :
आदर्श दुर्गापूजा समिति वर्ष 1967 से दुर्गोत्सव का आयोजन करती आ रही है। समिति की 18 भुजाओं वाली मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा विशेष आकर्षण का केंद्र रहती है। पिछले पांच वर्षों से जुगल किशोर केडिया स्मृति भवन में आयोजित हो रही इस पूजा का पंडाल इस बार जयपुर के प्रसिद्ध हवा महल की तर्ज पर तैयार किया गया है।
इसके अतिरिक्त वाराणसी से आए कलाकारों द्वारा प्रस्तुत की जा रही सजीव झांकियां भी दर्शकों को आकर्षित कर रही हैं। समिति के समन्वयक मनोज शर्मा और पवन पंसारी ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पंडाल में बैठने, शीतल पेयजल और प्रसाद की समुचित व्यवस्था की गई है।
मारवाड़ी दुर्गोत्सव समिति में एक ही परिसर में अनेक देवी-देवताओं के दर्शन :
श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर परिसर में वर्ष 2013 से आयोजित हो रही मारवाड़ी दुर्गोत्सव समिति की पूजा भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण है। शीतल पेयजल सेवा और स्वच्छता के लिए होजाई पौर सभा द्वारा सम्मानित इस समिति की ओर से पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाता है।
इस पंडाल की खासियत यह है कि यहां मां दुर्गा के साथ-साथ श्री लक्ष्मीनारायण, राम दरबार, शिव दरबार और हनुमानजी के दर्शन भी एक ही परिसर में किए जा सकते हैं। इस आयोजन की शुरुआत वर्ष 2006 में समाज के सहयोग से नवरात्र उत्सव के रूप में हुई थी, जबकि वर्ष 2013 से यहां दुर्गापूजा का आयोजन किया जाने लगा।
शहरभर में सजे पूजा पंडाल, बाजारों में भी रौनक :
होजाई शहर में गांधी मैदान पूजा पंडाल, रामकृष्ण सेवा आश्रम, भारत सेवा आश्रम, गोविंदा आश्रम, विष्णुपल्ली, श्रीश्री सत्यनारायण मंदिर, नया बाजार की मणिपुरी दुर्गापूजा तथा मां दुर्गा बालाजी बाबोसा मंदिर सहित विभिन्न स्थानों पर दुर्गोत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है।
इसके अलावा गोविंदपल्ली, कृष्णानगर, साहा पट्टी, केड़ियापुरम, नेपाली मंदिर, राम ठाकुर मंदिर, कालीबाड़ी, हरिजन कॉलोनी और विभिन्न व्यावसायिक पूजा समितियों की ओर से भी आकर्षक आयोजन किए गए हैं। शहर के अलग-अलग इलाकों में सजे पंडालों के कारण उत्सव का माहौल बना हुआ है।
शांतिपूर्ण आयोजन के लिए प्रशासन सतर्क :
दुर्गापूजा के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने भी शांतिपूर्ण और व्यवस्थित आयोजन सुनिश्चित करने के लिए तैयारियां की हैं। प्रशासन का उद्देश्य है कि श्रद्धालु बिना किसी असुविधा के सुरक्षित वातावरण में मां दुर्गा के दर्शन कर सकें।
उधर, बाजारों में खरीदारी के लिए उमड़ रही लोगों की भीड़ से भी दुर्गोत्सव की रौनक साफ झलक रही है। धार्मिक आस्था, पारंपरिक अनुष्ठानों और आकर्षक सजावट के बीच होजाई में शारदीय दुर्गोत्सव का उल्लास छाया हुआ है।

