NGO में लापरवाही का आरोप, बसंत जम्मड़ 19 दिनों से अस्पताल में भर्ती
थर्ड आई न्यूज़
13 दिन ICU में चला उपचार, गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाने का दावा; बड़े भाई ने गोरचुक थाने में शिकायत दर्ज कराकर जांच की मांग की
गुवाहाटी, 2 नवंबर। महानगर के एक आवासीय गैरसरकारी संगठन (NGO) में भोजन, देखभाल और चिकित्सा सुविधाओं में कथित लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। संस्था में रह रहे बसंत जम्मड़ पिछले 19 दिनों से गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (GMCH) में उपचाराधीन हैं। परिवार के अनुसार, उनकी हालत इतनी गंभीर हो गई थी कि लगातार 13 दिनों तक उन्हें ICU में रखना पड़ा। फिलहाल उन्हें सामान्य वार्ड में स्थानांतरित कर दिया गया है, हालांकि उनका उपचार अभी जारी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बसंत जम्मड़ को उनके परिजनों ने लगभग चार महीने पहले बेहतर देखभाल, नियमित भोजन और चिकित्सा सुविधाओं की उम्मीद में एक आवासीय NGO में रखा था। परिवार का आरोप है कि संस्था में उन्हें पर्याप्त एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध नहीं कराया गया। स्वास्थ्य में लगातार गिरावट आने के बावजूद समय पर आवश्यक जांच और उपचार की व्यवस्था भी नहीं की गई। इस दौरान उनका वजन काफी कम हो गया और शारीरिक स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई।
परिजनों के अनुसार, बसंत की बिगड़ती हालत को देखते हुए उन्होंने अपने स्तर पर रक्त जांच कराई। जांच में हीमोग्लोबिन का स्तर लगभग 2.8 ग्राम प्रति डेसीलीटर और प्लेटलेट्स की संख्या करीब 70 हजार पाई गई। लिवर संबंधी जांच में भी गंभीर असामान्यताएं सामने आईं। इन रिपोर्टों के बाद परिवार ने उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराने का निर्णय लिया।
परिवार ने आरोप लगाया है कि बसंत की गंभीर स्वास्थ्य स्थिति के बावजूद NGO प्रबंधन ने बकाया बताई गई राशि का भुगतान होने तक उन्हें परिसर से ले जाने की अनुमति देने में देरी की। इसके बाद अगले दिन परिजनों ने उन्हें GMCH में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने उनकी हालत को देखते हुए ICU में स्थानांतरित कर दिया।
परिवार के मुताबिक, अस्पताल में उपचार के दौरान बसंत को रक्त चढ़ाने के साथ प्लेटलेट्स और लगातार चिकित्सकीय निगरानी की आवश्यकता पड़ी। रक्त एवं प्लेटलेट्स की व्यवस्था करने के लिए भी परिजनों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। करीब दो सप्ताह तक गंभीर स्थिति में रहने के बाद उनकी हालत में सुधार हुआ और उन्हें सामान्य वार्ड में स्थानांतरित किया गया।
इस मामले में बसंत के बड़े भाई अवकाश कुमार जम्मड़ ने 30 अक्टूबर को गोरचुक पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने NGO प्रबंधन और संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। शिकायत में पर्याप्त भोजन उपलब्ध नहीं कराने, समय पर चिकित्सा सुविधा की व्यवस्था नहीं करने और स्वास्थ्य में लगातार गिरावट के बावजूद आवश्यक कदम नहीं उठाने के आरोप लगाए गए हैं।
परिजनों का कहना है कि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। उन्होंने NGO के दस्तावेजों, भोजन एवं देखभाल की व्यवस्था, चिकित्सा रिकॉर्ड तथा प्रबंधन की भूमिका की गहन जांच करने की मांग की है। इसके साथ ही संस्था में रह रहे अन्य लोगों की स्थिति और उन्हें उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की भी जांच करने का आग्रह किया है।
अवकाश कुमार जम्मड़ के अनुसार, परिवार का उद्देश्य अपने भाई को न्याय दिलाने के साथ ऐसे आवासीय संस्थानों में रहने वाले अन्य जरूरतमंद और असहाय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। उनका कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच से वास्तविक परिस्थितियां सामने आएंगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने में मदद मिलेगी।
इस मामले में NGO प्रबंधन का पक्ष सामने नहीं आया है। परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

