भांगागढ़ अग्निकांड के बाद वक्फ भूमि और मुतवल्ली के अधिकार को लेकर विवाद गहराया
थर्ड आई न्यूज
अदालत के फैसले के अगले ही दिन कई दुकानों में लगी आग; जमीन के देखरेखकर्ता नईफ अली ने जताया संदेह, व्यापारियों ने उनके मुतवल्ली होने पर उठाए सवाल
गुवाहाटी। महानगर के भांगागढ़ ओवरब्रिज के समीप शनिवार सुबह लगी भीषण आग के बाद अब वक्फ की जमीन पर संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के किराये को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद भी सामने आया है। आग की चपेट में सिटी ढाबा सहित आसपास की कम से कम पांच दुकानें और प्रतिष्ठान आकर जलकर राख हो गए। बताया जा रहा है कि यह घटना किराये के विवाद से जुड़े मामले में अदालत के फैसले के ठीक एक दिन बाद हुई।
वक्फ की जमीन के मुतवल्ली (देखरेखकर्ता) होने का दावा करने वाले नईफ अली ने अग्निकांड की परिस्थितियों और समय को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इस जमीन पर संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों ने लंबे समय से किराये का भुगतान नहीं किया था। इस संबंध में विवाद अदालत में विचाराधीन था। उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर गुवाहाटी नगर निगम (जीएमसी) में भी शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन उनके आरोप के अनुसार, नगर निगम ने इस पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया।
नईफ अली का दावा है कि शुक्रवार को अदालत का फैसला आने के तुरंत बाद इन प्रतिष्ठानों में आग लग गई। फैसले और अग्निकांड के बीच समय के इस संयोग को लेकर उन्होंने संदेह जताया है। हालांकि, आग लगने के पीछे किसी साजिश या जानबूझकर आग लगाए जाने की पुष्टि नहीं हुई है।
मीडिया के सामने घटनाक्रम की जानकारी देते समय विवाद उस समय बढ़ गया, जब जमीन पर वर्षों से कारोबार कर रहे व्यापारियों ने नईफ अली को वहां से जाने के लिए कहा। व्यापारियों ने उन्हें हैदराबाद का बाहरी व्यक्ति बताते हुए उनके दावे पर आपत्ति जताई।
व्यापारियों ने नईफ अली के मुतवल्ली होने के दावे को भी चुनौती दी है। उनका कहना है कि इस जमीन के मुतवल्ली मुस्तफा कैसर थे और उनके निधन के बाद उनके बेटे जावेद कैसर को यह जिम्मेदारी मिलनी चाहिए थी। व्यापारियों ने सवाल उठाया कि मुस्तफा कैसर के दामाद नईफ अली को मुतवल्ली का पद किस आधार पर मिला।
उल्लेखनीय है कि सिटी ढाबे में लगी आग का शुरुआती कारण गैस सिलेंडर में विस्फोट बताया जा रहा है। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आग पर काबू पाने के लिए दमकल की कई गाड़ियों को लगाया गया। घटनास्थल पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए थे। कुछ लोग आग बुझाने में मदद करते दिखे, जबकि कई लोग जान बचाकर वहां से भागते नजर आए।
इस घटना में अब तक किसी के हताहत होने या घायल होने की सूचना नहीं है। भांगागढ़ की संकरी संपर्क सड़क पर दमकल वाहनों की आवाजाही और लोगों की भीड़ के कारण इलाके में काफी देर तक यातायात बाधित रहा।
फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारण और वक्फ भूमि के मुतवल्ली पद को लेकर उठे विवाद की स्थिति स्पष्ट नहीं है। नईफ अली और व्यापारियों की ओर से किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि तथा संबंधित दस्तावेजों के आधार पर ही मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी।

