मोरानहाट में शुरू हुआ पुप्रमास का प्रांतीय लघु अधिवेशन “समन्वय 2026”, समाज, संस्कार और समन्वय पर मंथन; सेवा, संगठन और सामाजिक एकता का बना महाकुंभ
थर्ड आई न्यूज़
मोरानहाट/गुवाहाटी, 16 मई।
पूर्वोत्तर प्रदेशीय मारवाड़ी सम्मेलन (पुप्रमास) के दो दिवसीय प्रांतीय लघु अधिवेशन “समन्वय 2026 — सशक्त समाज, उज्ज्वल भविष्य” का भव्य शुभारंभ शुक्रवार को मोरानहाट स्थित राधाकृष्ण विवाह भवन परिसर में हुआ। सम्मेलन परिवार की मोरानहाट शाखा के आतिथ्य में आयोजित इस अधिवेशन ने पहले ही दिन समाज, सेवा, संस्कार और समन्वय का सशक्त संदेश दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रांतीय कार्यकारिणी के उद्घाटन सत्र “लाचित सत्र” से हुआ। प्रारंभ में शाखा सचिव छगनलाल माड़ोदिया, शाखाध्यक्ष बिनोद अग्रवाल, स्वागताध्यक्ष ओमप्रकाश गाड़ोदिया, स्वागत मंत्री पवन मोर, राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन कुमार गोयनका, राष्ट्रीय संगठन मंत्री बसंत सुराणा, प्रांतीय अध्यक्ष कैलाश काबरा, प्रांतीय महामंत्री रमेश कुमार चांडक, प्रांतीय उपाध्यक्ष (मुख्यालय) बिनोद लोहिया सहित अन्य पदाधिकारियों का मंचासीन कराया गया। अतिथियों का पारंपरिक अभिनंदन किया गया तथा मारवाड़ी युवा मंच मोरानहाट शाखा की महिला सदस्याओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर वातावरण को उत्सवमय बना दिया।
असम के जातीय गीत की सामूहिक प्रस्तुति और भगवान गणपति की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम आगे बढ़ा।
स्वागताध्यक्ष ओमप्रकाश गाड़ोदिया ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि यह आयोजन महज सम्मेलन नहीं, बल्कि समाज की एकता, संस्कार और सांस्कृतिक चेतना का महाकुंभ है। उन्होंने कहा कि मारवाड़ी समाज का इतिहास व्यापार के साथ सेवा, त्याग और सामाजिक समर्पण का इतिहास रहा है। देश के विभिन्न हिस्सों में समाज ने गौशालाओं, धर्मशालाओं, विद्यालयों और अस्पतालों के माध्यम से सेवा की अमिट पहचान बनाई है। उन्होंने नई पीढ़ी को शिक्षा, तकनीक और संस्कारों से जोड़ने पर बल देते हुए कहा कि समाज की शक्ति उसकी एकजुटता में निहित है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन गोयनका ने मोरानहाट शाखा के आतिथ्य और आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि असम का मारवाड़ी समाज अपनी सामूहिकता और सौहार्द के लिए विशेष पहचान रखता है। उन्होंने कहा कि यहां विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में जिस तरह सहभागिता दिखाई देती है, वह प्रेरणादायी है। उन्होंने राष्ट्र स्तर पर संचालित विभिन्न प्रकल्पों की जानकारी भी साझा की।
प्रांतीय अध्यक्ष कैलाश काबरा ने समाज के सामने मौजूद विभिन्न चुनौतियों और सामाजिक कुरीतियों पर चर्चा करते हुए उनके समाधान की दिशा में सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। राष्ट्रीय संगठन मंत्री बसंत सुराणा ने संगठन की गतिविधियों और “संस्कार शाला” प्रकल्प की जानकारी देते हुए सभी शाखाओं से ऐसे प्रकल्प प्रारंभ करने का आग्रह किया।
इस अवसर पर “सम्मेलन समाचार” की हार्ड कॉपी का भी विमोचन किया गया। कार्यक्रम का संचालन स्वागत मंत्री पवन मोर ने प्रभावशाली ढंग से किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन छगनलाल माड़ोदिया ने प्रस्तुत किया।
इसके बाद चतुर्थ प्रांतीय कार्यकारिणी सभा आयोजित हुई, जिसमें संगठन से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। प्रांतीय महामंत्री रमेश कुमार चांडक ने मंत्री प्रतिवेदन तथा प्रांतीय कोषाध्यक्ष दिनेश गुप्ता ने आय-व्यय का विवरण प्रस्तुत किया, जिसे सदन ने सर्वसम्मति से पारित कर दिया। इस दौरान सम्मेलन की नवगठित शाखाओं को शाखा प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए।
“समन्वय” विषय पर आयोजित विशेष परिचर्चा में समाज के विभिन्न घटकों के बीच बेहतर तालमेल, संकट के समय सामूहिक सहयोग तथा स्थानीय समाजों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंधों की आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा हुई। इस परिचर्चा में कैलाश काबरा, राज चौधरी, शालिनी बगड़िया, गोपाल जालान और टीवी डिबेटर ललित जैन ने अपने विचार रखे।
अधिवेशन के दूसरे दिन 17 मई को नामघर दर्शन, प्रांतीय सभा, मोटिवेशनल कार्यक्रम, हास्य संध्या और समापन समारोह सहित कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। शिलांग के अंकुर झुनझुनवाला प्रेरक वक्ता के रूप में उपस्थित रहेंगे, जबकि राजस्थान के प्रसिद्ध हास्य कवि हरीश हिंदुस्तानी अपनी प्रस्तुति से प्रतिनिधियों को गुदगुदाएंगे।
हालांकि मुख्य आयोजन दो दिवसीय है, लेकिन 15 मई को गणेश आह्वान और पंडाल उद्घाटन के साथ इसकी शुरुआत हो चुकी थी। इस प्रकार मोरानहाट शाखा के लिए यह आयोजन त्रिदिवसीय उत्सव का स्वरूप ले चुका है।

