गौरव व्यास बोले -श्रद्धा और विश्वास से भक्तों की लाज स्वयं रखते हैं प्रभु ,गौशाला में नानी बाई रो मायरो संग भक्तमाल कथा में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़

थर्ड आई न्यूज़

गुवाहाटी, 26 मई। सेठ सांवरिया सत्संग समिति के तत्वावधान में आठगांव स्थित श्री गौहाटी गौशाला के वृंदावन गार्डन प्रांगण में आयोजित आठ दिवसीय “नानी बाई रो मायरो” संग भक्तमाल कथा का वातावरण लगातार भक्तिमय बना हुआ है। कथा के तीसरे दिन व्यासपीठ से कथा वाचन करते हुए मुख्य कथावाचक गौरव व्यास ने कहा कि सच्चे भक्त की लाज और सम्मान की रक्षा स्वयं प्रभु करते हैं।

कथा को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने भक्त शिरोमणि नरसी मेहता और उनकी सुपुत्री नानी बाई के मायरे प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने बताया कि विवाह के बाद जब मायरे का समय आया, तब ससुराल पक्ष की ओर से वस्त्र, आभूषण, मिठाइयों, बर्तनों और अनेक कीमती उपहारों से भरी लंबी सूची भेजी गई। साधनों के अभाव के बावजूद नरसी मेहता के चेहरे पर चिंता नहीं थी, क्योंकि उनका विश्वास अपने आराध्य श्रीकृष्ण और राधा पर अटूट था।

गौरव व्यास ने कहा कि नरसी मेहता ने मायरे का कागज प्रभु के चरणों में अर्पित करते हुए विनम्र भाव से प्रार्थना की कि अब उनकी लाज प्रभु ही रख सकते हैं। कथा के अनुसार, भक्त की निष्कलंक श्रद्धा और पूर्ण समर्पण से प्रसन्न होकर श्री राधाकृष्ण स्वयं उनकी सहायता का संकल्प लेते हैं। यह प्रसंग इस सत्य को दर्शाता है कि जो भक्त सच्चे मन और विश्वास से भगवान का स्मरण करता है, उसकी रक्षा स्वयं प्रभु करते हैं।

कथा के बीच-बीच में भजनों की मधुर प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। श्रद्धालुओं से खचाखच भरे पंडाल में राधा-कृष्ण और गोपियों की जीवंत झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही, जिसे देखकर भक्त भावविभोर हो उठे।

आयोजन समिति के सुरेंद्र लाठ ने बताया कि कथा के तीसरे दिन की पूजा रेनु-संतोष चौधरी, अनुराधा-बलराम चौधरी तथा मनीषा-पंकज सांगानेरिया द्वारा कराई गई। उन्होंने बताया कि पुरुषोत्तम मास के अवसर पर आयोजित यह कथा प्रतिदिन अपराह्न 2:30 बजे से शाम 6 बजे तक वृंदावन गार्डन में जारी रहेगी।

समिति के सभी सदस्य आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग दे रहे हैं।

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