“मुसलमानों के लिए अलग विवाह कानून क्यों?”: असम विधानसभा में यूसीसी के समर्थन में पियूष हजारिका
थर्ड आई न्यूज
गुवाहाटी I असम सरकार के मंत्री पीयूष हजारिका ने 27 मई को विधानसभा में प्रस्तावित समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का जोरदार समर्थन करते हुए कहा कि बहुविवाह की अनुमति देने वाले कानून समानता के सिद्धांत के खिलाफ हैं और इन्हें समाप्त किया जाना चाहिए।
विधानसभा सत्र के चौथे दिन यूसीसी विधेयक पर चर्चा में भाग लेते हुए हजारिका ने सवाल उठाया कि अलग-अलग समुदायों, खासकर मुसलमानों के लिए अलग विवाह कानून क्यों होने चाहिए।
उन्होंने कहा, “मुसलमानों के लिए अलग विवाह कानून क्यों होने चाहिए?” और राज्य में यूसीसी लागू करने का समर्थन किया।
बहुविवाह की प्रथा का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि अगर कोई पुरुष अपनी पत्नी की सहमति के बिना कई शादियां करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने कहा, “बिना महिला की सहमति के उसका पति चार शादियां कर सकता है। अगर वह पहली पत्नी की अनुमति के बिना दूसरी शादी करता है, दूसरी की अनुमति के बिना तीसरी और पहली तीन पत्नियों की अनुमति के बिना चौथी शादी करता है, तो उसके साथ क्या होना चाहिए? उसे सीधे जेल भेजा जाना चाहिए।”
हजारिका ने कहा कि समानता को बढ़ावा देने वाले कानून सभी समुदायों पर समान रूप से लागू होने चाहिए और राज्य को ऐसे कानूनी प्रावधानों की जरूरत है, जो किसी पुरुष को चार शादियां करने से रोकें।
उन्होंने कहा, “इस सम्मानित सदन में खड़े होकर हमें साफ तौर पर कहना चाहिए कि समानता को बढ़ावा देने वाले नियम ही सही नियम हैं।”
यूसीसी को किसी विशेष धर्म के खिलाफ बताने वाली आलोचनाओं को खारिज करते हुए मंत्री ने कहा कि यह विधेयक धार्मिक प्रथाओं नहीं, बल्कि नागरिक मामलों से जुड़ा है।
उन्होंने कहा, “कौन यह प्रचार कर रहा है कि यूनिफॉर्म सिविल कोड धर्म के खिलाफ है? यह किसी धर्म पर हमला नहीं है और न ही किसी धार्मिक रीति-रिवाज या परंपरा में हस्तक्षेप करने के लिए लाया गया है।”
हजारिका ने कहा कि यह विधेयक बहुविवाह, विवाह, उत्तराधिकार, भरण-पोषण और संपत्ति अधिकार जैसे मुद्दों पर केंद्रित है।
उन्होंने कहा, “यही इस विधेयक का उद्देश्य है।”
असम सरकार का कहना है कि प्रस्तावित यूसीसी का मकसद समानता और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करना है, जबकि विपक्षी दलों और कई संगठनों ने इसके कुछ प्रावधानों, छूट और लागू करने के तरीके को लेकर चिंता जताई है।

