अंबुबाची मेले के समापन पर श्रद्धालुओं के लिए खुले कामाख्या मंदिर के कपाट, 8 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किया दर्शन
थर्ड आई न्यूज
गुवाहाटी, 26 जून। असम के प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां कामाख्या मंदिर में आयोजित वार्षिक अंबुबाची मेले का शुक्रवार को विधिवत समापन हो गया। तीन दिनों तक बंद रहने के बाद शुक्रवार सुबह विशेष धार्मिक अनुष्ठानों और देवी के पारंपरिक स्नान-पूजन के उपरांत मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। मंदिर खुलते ही सुबह तड़के से ही दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं।
मंदिर प्रशासन के अनुसार, दर्शन के लिए श्रद्धालु सूर्योदय से पहले ही मंदिर परिसर में पहुंचने लगे थे। एक मंदिर अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार को सूर्यास्त तक मंदिर के कपाट खुले रहेंगे और श्रद्धालुओं के शांतिपूर्ण दर्शन की व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने बताया कि इस वर्ष अंबुबाची मेले में 8 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने भाग लिया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि मां कामाख्या से जुड़ा अंबुबाची पर्व अपनी तरह की अनूठी परंपरा है, जो असम की सभ्यता और संस्कृति में नारी शक्ति के केंद्रीय महत्व का प्रतीक है।
अंबुबाची मेले के दौरान मान्यता है कि मां कामाख्या वार्षिक रजस्वला काल में रहती हैं। इसी धार्मिक परंपरा के तहत मंदिर के कपाट सोमवार शाम से बंद कर दिए गए थे। निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद शुक्रवार सुबह देवी के पारंपरिक स्नान और विशेष पूजा-अर्चना के पश्चात मंदिर को पुनः श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया।
अंबुबाची मेला असम के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है, जिसमें देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु, साधु-संत और पर्यटक भाग लेते हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में मेले में 7,72,019 श्रद्धालुओं ने भाग लिया था, जिनमें 42 विदेशी नागरिक शामिल थे। वहीं 2024 में यह संख्या 7,46,066 रही थी, जिनमें 20 विदेशी श्रद्धालु शामिल थे।

