8,970 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा गुवाहाटी-तेजपुर फोरलेन कॉरिडोर, तेजपुर बाइपास पर होगी वायुसेना की इमरजेंसी लैंडिंग स्ट्रिप
थर्ड आई न्यूज
गुवाहाटी, 6 अगस्त। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने असम में राष्ट्रीय राजमार्ग-15 (एनएच-15) पर गुवाहाटी से तेजपुर तक 135.871 किलोमीटर लंबे चार लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर के निर्माण को मंजूरी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर 8,970.20 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
सरकारी बयान के अनुसार, इस परियोजना का निर्माण बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर (बीओटी) टोल मॉडल के तहत किया जाएगा।
परियोजना की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता तेजपुर बाइपास पर 4.9 किलोमीटर लंबी आपातकालीन लैंडिंग स्ट्रिप होगी, जिसे भारतीय वायुसेना के समन्वय से विकसित किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर यहां वायुसेना के विमान उतर सकेंगे।
इस कॉरिडोर के निर्माण से ब्रह्मपुत्र के दक्षिणी तट पर स्थित मौजूदा एनएच-27 (ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर) पर यातायात का दबाव कम होगा। साथ ही यातायात को सुगम बनाने के लिए बाइहाटा चारियाली, सिपाझार, खारूपेटिया, डेकियाजुली और तेजपुर में पांच प्रमुख बाइपास बनाए जाएंगे।
परियोजना के तहत 15 बड़े पुल, 30 छोटे पुल, 19 फ्लाईओवर, 46 अंडरपास तथा तेजपुर बाइपास पर हाथियों के सुरक्षित आवागमन के लिए एक विशेष अंडरपास भी बनाया जाएगा।
सरकार का कहना है कि इस कॉरिडोर के बनने से औसत यात्रा गति लगभग दोगुनी हो जाएगी और गुवाहाटी-तेजपुर के बीच यात्रा समय लगभग आधा रह जाएगा। इसके अलावा सड़क सुरक्षा में सुधार होगा, ईंधन की बचत होगी और वाहन संचालन लागत में भी कमी आएगी।
यह परियोजना असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच संपर्क को और मजबूत करेगी। साथ ही औद्योगिक, पर्यटन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे मां कामाख्या मंदिर, काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और ओरांग राष्ट्रीय उद्यान जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी।
इसके अतिरिक्त यह कॉरिडोर आठ पीएम गतिशक्ति आर्थिक केंद्रों, दरांग और उदलगुड़ी जैसे दो आकांक्षी जिलों, तीन प्रमुख पर्यटन स्थलों तथा सात प्रमुख लॉजिस्टिक्स केंद्रों, जिनमें रेलवे स्टेशन, हवाई अड्डे और अंतर्देशीय जलमार्ग टर्मिनल शामिल हैं, को बेहतर सड़क संपर्क प्रदान करेगा।

