नवरूप सीनियर सेकेंडरी स्कूल में नवागंतुक स्वागत समारोह, प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का सम्मान

थर्ड आई न्यूज

नगांव से जयप्रकाश सिंह

नगांव शहर के अग्रणी शिक्षण संस्थान नवरूप जातीय विद्यापीठ सीनियर सेकेंडरी स्कूल में नवागंतुक स्वागत समारोह का आयोजन किया गया। नगांव जिला पुस्तकालय सभागार में आयोजित समारोह की शुरुआत सुधाकंठ डॉ. भूपेन हजारिका और हार्टथ्रोब जुबिन गर्ग के चित्रों पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई।

इसके बाद विद्यालय की कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों ने रूपकुंवर ज्योतिप्रसाद अग्रवाला के प्रसिद्ध गीत “तोरे मोरे आलोकरे यात्रा” का सामूहिक गायन किया। तत्पश्चात प्रतिभाशाली दिवंगत छात्रा मायांकी काश्यप के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

विद्यालय की अध्यक्ष उत्पला बोरा के संचालन में आयोजित समारोह में वर्ष 2026 की उच्चतर माध्यमिक अंतिम परीक्षा में नवरूप सीनियर सेकेंडरी स्कूल से सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाली छात्रा जिमली सैकिया को ‘मायांकी काश्यप स्मृति पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। पुरस्कार विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष एवं प्राध्यापक डॉ. कमल चंद्र सैकिया ने प्रदान किया।

वहीं, वर्ष 2026 के लिए ‘वर्ष की सर्वश्रेष्ठ छात्रा’ का पुरस्कार चयूम मेदक को विशिष्ट समाजसेवी पूर्णानंद भुइयां ने प्रदान किया। उच्च शिक्षा के लिए राज्य से बाहर रहने के कारण चयूम मेदक की ओर से उनके अभिभावक ने पुरस्कार ग्रहण किया।

पुरस्कार प्रदान करते हुए डॉ. कमल चंद्र सैकिया ने मायांकी काश्यप की प्रतिभा एवं प्रज्ञा को स्मरण किया। उन्होंने कहा कि मात्र 15 वर्ष की आयु में मायांकी के निधन से समाज ने एक अमूल्य प्रतिभा खो दी। उन्होंने कहा कि मायांकी भले ही शारीरिक रूप से हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी स्मृतियों और प्रतिभा को सदैव जीवित रखा जाना चाहिए।

समारोह में विशिष्ट अतिथि समाजसेवी पूर्णानंद भुइयां ने विद्यार्थियों को प्रेरणादायक एवं मूल्यवान संदेश दिया। उन्होंने नवरूप जातीय विद्यापीठ द्वारा असम के शैक्षणिक क्षेत्र तथा सामाजिक जीवन में किए जा रहे योगदान की भी सराहना की।

इस अवसर पर मायांकी काश्यप के पिता मुकुल सैकिया, माता शेवाली बरुवा सैकिया, रेक्टर संगीता बरुवा, प्रधान शिक्षिका निभा सैकिया, रहा कॉलेज के प्राध्यापक लक्ष्मी प्रसाद मेदक एवं अनुराधा मेदक सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

पुरस्कार वितरण के बाद विजय शंकर गोगोई की परिकल्पना तथा विद्यालय के खोल वाद्य के गुरु शुभजीत सैकिया के निर्देशन में असमिया जाति के प्राण-प्रतिष्ठाता महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव की अमर कृति ‘राम विजय’ अंकिया नाटक के कुछ अंश विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए।

इसके बाद विद्यार्थियों ने जुबिन गर्ग के जीवन एवं उनकी रचनात्मक यात्रा पर आधारित गीति-आलेख्य प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों की गीत एवं नृत्य प्रस्तुतियों ने समारोह को और भी आकर्षक बना दिया।

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