असम की सियासत में आरोपों का तूफान, पवन खेड़ा के दावों पर बढ़ी जांच की मांग
थर्ड आई न्यूज़
जोरहाट से नीरज खंडेलवाल
असम की राजनीति में शुक्रवार को उस समय हलचल तेज हो गई, जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा ने मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा और उनकी पत्नी रिनिकी भुयाँ शर्मा को लेकर गंभीर आरोप सार्वजनिक किए। इन आरोपों के बाद विपक्षी दलों ने मामले को जोर-शोर से उठाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
जोरहाट प्रेस क्लब में आयोजित एक प्रेस वार्ता में राइजोर दल के केंद्रीय समिति के कार्यकारी अध्यक्ष भास्को दे सैकिया ने कहा कि लगाए गए आरोप अत्यंत संवेदनशील हैं और यदि इनमें तथ्य पाए जाते हैं, तो यह प्रशासनिक विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्न खड़े कर सकता है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच की आवश्यकता पर बल दिया।

आरोपों का विवरण :
पवन खेड़ा द्वारा लगाए गए आरोपों में कई बिंदु शामिल हैं—
• मुख्यमंत्री की पत्नी के पास कथित रूप से एक से अधिक देशों के पासपोर्ट होने का दावा
• दुबई में उनके नाम से संपत्तियां खरीदे जाने का आरोप
• मुख्यमंत्री द्वारा चुनावी शपथपत्र में तथ्यों को छिपाने या गलत जानकारी देने का आरोप
हालांकि इन आरोपों के समर्थन में अब तक कोई आधिकारिक दस्तावेज सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत नहीं किए गए हैं।
प्रेस वार्ता के दौरान भास्को दे सैकिया ने यह भी दावा किया कि मुख्यमंत्री और उनका परिवार कथित रूप से “देश छोड़ने की तैयारी” में है, लेकिन उन्होंने स्वयं स्वीकार किया कि इस संबंध में उनके पास ठोस प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं।
सरकार की ओर से प्रतिक्रिया का इंतजार
अब तक इस पूरे प्रकरण पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा या उनकी पत्नी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सरकारी पक्ष की चुप्पी ने राजनीतिक हलकों में चर्चा को और तेज कर दिया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आरोपों की प्रकृति को देखते हुए सरकार विस्तृत तथ्यों की जांच के बाद ही प्रतिक्रिया दे सकती है।
बढ़ी सियासी गर्मी :
इन आरोपों के बाद असम की राजनीतिक फिज़ा गरमा गई है। कांग्रेस और राइजोर दल इसे पारदर्शिता और जनहित का मुद्दा बता रहे हैं, जबकि भाजपा समर्थक इसे चुनावी माहौल में लगाया गया राजनीतिक आरोप करार दे रहे हैं।
फिलहाल, सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या संबंधित एजेंसियां इस मामले में कोई औपचारिक जांच शुरू करती हैं और आने वाले दिनों में इस विवाद का क्या परिणाम सामने आता है।


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