Market Update: उतार-चढ़ाव के बाद बाजार लाल निशान पर बंद, सेंसेक्स 479 अंक गिरा, निफ्टी 24000 से नीचे
थर्ड आई न्यूज
नई दिल्ली I पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के फिर से गहराने का सीधा असर मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला। दक्षिणी ईरान में अमेरिका की ओर से किए गए हमलों की खबर ने निवेशकों की चिंताओं को बढ़ा दिया है। इससे सोमवार की सकारात्मक धारणा बदल गई और बाजार में बिकवाली का भारी दबाव हावी हो गया।
बाजार के मुख्य आंकड़े :
मंगलवार के कारोबारी सत्र के अंत में दोनों प्रमुख बेंचमार्क सूचकांकों में तेज गिरावट दर्ज की गई:
सेंसेक्स: बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 479.26 अंक यानी 0.62 प्रतिशत की बड़ी गिरावट के साथ 76,009.70 के स्तर पर बंद हुआ।
निफ्टी: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स 23,950 का अहम स्तर भी नहीं बचा सका और 118.00 अंक (0.49 प्रतिशत) का नुकसान दर्ज करते हुए 23,913.70 के स्तर पर खिसक गया।
पश्चिम एशिया में नए सिरे से पनपे भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के कारण मंगलवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 47 पैसे गिरकर 95.73 (अस्थायी) पर बंद हुआ। विदेशी मुद्रा व्यापारियों ने कहा कि मजबूत अमेरिकी डॉलर और कमजोर घरेलू बाजारों ने भी रुपये पर दबाव डाला।
गिरावट के मुख्य कारण और सेक्टोरल इम्पैक्ट :
बाजार में इस रिवर्सल का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निवेशकों के सेंटीमेंट में अचानक आया नकारात्मक बदलाव था।
दबाव वाले सेक्टर्स: शेयर बाजार को नीचे खींचने में मुख्य रूप से बैंकिंग, तेल और गैस तथा फार्मा सेक्टर के शेयरों का हाथ रहा, जिनमें सबसे ज्यादा बिकवाली दर्ज की गई।
टॉप लूजर्स: प्रमुख स्टॉक्स की बात करें तो, टेक महिंद्रा और अपोलो हॉस्पिटल्स के शेयरों को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा और दोनों ही स्टॉक्स लगभग 2 प्रतिशत की गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुए।
वैश्विक तनाव का साया :
सोमवार को बाजार में जो रिकवरी दिख रही थी, वह अमेरिका द्वारा दक्षिणी ईरान में किए गए हमलों की खबरों के बाद पूरी तरह उलट गई। इस घटनाक्रम ने निवेशकों के बीच यह डर पैदा कर दिया है कि मध्य पूर्व में संघर्ष लंबा खिंच सकता है। विशेष रूप से तेल और गैस सेक्टर के स्टॉक्स में गिरावट इसी भू-राजनीतिक अनिश्चितता का सीधा परिणाम है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते इस सैन्य तनाव के कारण भारतीय इक्विटी बाजार ने अपनी लय खो दी है। पश्चिम एशिया के बिगड़ते हालात ने निवेशकों को बेहद सतर्क कर दिया है, इसका सीधा असर बाजार के अहम इंडेक्स और बड़े सेक्टर्स पर साफ तौर पर देखा जा सकता है।

