असम की चंदा शर्मा ने रचा कीर्तिमान, संस्कृत श्लोक एवं आध्यात्मिक वाक्य लेखन में बनाए कई राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड

थर्ड आई न्यूज़

गुवाहाटी, 20 जून। असम की चंदा शर्मा ने संस्कृत श्लोकों, मंत्रों एवं आध्यात्मिक वाक्यों के तीव्र लेखन में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए कई प्रतिष्ठित रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं। उनकी इस उपलब्धि को इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स तथा अन्य रिकॉर्ड संस्थाओं द्वारा मान्यता प्रदान की गई है।

इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा जारी प्रमाणपत्र के अनुसार, चंदा शर्मा ने मात्र 3 मिनट 4 सेकंड 26 मिलीसेकंड में एक ही कागज पर 30 संस्कृत आध्यात्मिक वाक्य, मंत्र और श्लोक लिखकर एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया। इस उपलब्धि की पुष्टि 8 मई 2026 को की गई।

इसके अतिरिक्त उन्हें “आईबीआर अचीवर” (IBR Achiever) के रूप में भी सम्मानित किया गया। इस श्रेणी में उन्हें 3 मिनट में 74 संस्कृत श्लोकों का सस्वर पाठ करने के लिए मान्यता प्रदान की गई, जिसकी पुष्टि 6 अप्रैल 2026 को हुई थी।

चंदा शर्मा की असाधारण प्रतिभा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली है। एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने उन्हें “ग्रैंड मास्टर” की उपाधि से सम्मानित किया है। यह सम्मान उन्हें 3 मिनट 4 सेकंड 26 मिलीसेकंड में 30 संस्कृत आध्यात्मिक वाक्य, मंत्र और श्लोक लिखने की उपलब्धि के लिए प्रदान किया गया। इस उपलब्धि की पुष्टि 13 मई 2026 को की गई। उन्हें अपनी उपलब्धि से संबंधित प्रमाण पत्र आज ही प्राप्त हुए हैं ।

संस्कृत भाषा, वैदिक साहित्य और भारतीय आध्यात्मिक परंपरा के प्रति उनकी गहरी रुचि और समर्पण ने उन्हें यह विशिष्ट पहचान दिलाई है। उनकी उपलब्धि न केवल असम बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय मानी जा रही है।

शिक्षा, संस्कृति और संस्कृत भाषा के क्षेत्र से जुड़े लोगों ने चंदा शर्मा को बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार की उपलब्धियां भारतीय ज्ञान परंपरा और संस्कृत भाषा के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार को नई प्रेरणा देती हैं। उनकी सफलता युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत के प्रति आकर्षित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

चंदा शर्मा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने गुरुजनों, परिवारजनों तथा निरंतर अभ्यास और संस्कृत साधना को दिया है। उन्होंने कहा कि संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञान, दर्शन और आध्यात्मिक चेतना की आधारशिला है, जिसके प्रचार-प्रसार के लिए वह आगे भी कार्य करती रहेंगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *