Bangladesh News: ‘…हिंदुओं से मुक्त’: लेखक तस्लीमा नसरीन ने की चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी पर बांग्लादेश की आलोचना
थर्ड आई न्यूज
ढाका। बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन ने पूर्व इस्कॉन पादरी चिन्मय कृष्ण दास को जमानत देने में देरी की आलोचना की, जिनके वकील पर उनकी गिरफ़्तारी के दिन सुनवाई के बाद “क्रूर हमला” किया गया था।
बता दें कि चिन्मय दास की जमानत पर सुनवाई, जो पहले चटगाँव अदालत में होनी थी, वो अब 2 जनवरी तक के लिए स्थगित कर दी गई है।
तस्लीमा नसरीन ने एक्स पर क्या कहा :
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर नसरीन ने कहा, बांग्लादेश में चिन्मय कृष्ण दास के लिए कोई वकील नहीं है। जिहादियों की धरती पर हिंदू नफरत को समझने के लिए यह वाक्य ही काफी है। चिन्मय कृष्ण दास के वकील को पीटा गया। यह सुनिश्चित करने के लिए उपाय किए गए हैं कि कोई भी चिन्मय कृष्ण दास का बचाव न करे। चिन्मय के खिलाफ लगाए गए सभी आरोप झूठे और मनगढ़ंत हैं। चिन्मय को जेल में रखने का उद्देश्य उनके मानवाधिकारों का उल्लंघन है। जिहादी अपनी धरती को हिंदुओं से मुक्त करना चाहते हैं। वे अपने लक्ष्य की ओर काम कर रहे हैं।
इस्कॉन कोलकाता ने लगाए कई आरोप :
इस्कॉन कोलकाता ने आरोप लगाया कि चिन्मय दास की गिरफ़्तारी के दिन उनका प्रतिनिधित्व करने वाले वकील रेगन आचार्य पर सुनवाई के बाद “क्रूरतापूर्वक हमला” किया गया। इस्कॉन कोलकाता के उपाध्यक्ष और प्रवक्ता राधारमण दास ने एक्स पर वीडियो पोस्ट करते हुए दावा किया कि आचार्य के चैंबर में तोड़फोड़ की गई।
राधारमण ने लिखा, इस वीडियो में उनके चैंबर के साइनबोर्ड पर उनका नाम बंगाली में दिखाई दे रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि कोई भी वकील पूर्व इस्कॉन पुजारी का प्रतिनिधित्व कैसे कर सकता है, जब उन्हें ऐसी धमकियों का सामना करना पड़ता है।


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