आपातकाल लोकतंत्र को कुचलने का प्रयास था : मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा

थर्ड आई न्यूज

गुवाहाटी, 25 जून। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने 25 जून 1975 को लगाए गए आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक “काला अध्याय” बताते हुए कहा कि यह देश के लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिक स्वतंत्रताओं को दबाने का प्रयास था।

आपातकाल की वर्षगांठ पर मुख्यमंत्री शर्मा ने उस दौर का विरोध करने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले “वीर योद्धा” बताया।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “हम भारतीय लोकतंत्र के इतिहास के उस काले अध्याय को स्मरण करते हैं, जब वर्ष 1975 में देश के लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिक स्वतंत्रताओं को कुचलने के उद्देश्य से आपातकाल लागू किया गया था।”

उन्होंने आगे कहा, “लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले सभी वीर योद्धाओं को मेरा विनम्र नमन।”

गौरतलब है कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 352 के तहत 25 जून 1975 को आपातकाल लागू किया गया था, जो 21 मार्च 1977 तक प्रभावी रहा।

केंद्र सरकार वर्ष 2025 से 25 जून को ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में मना रही है। नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा जारी राजपत्र अधिसूचना में कहा गया है कि आपातकाल के दौरान सत्ता का व्यापक दुरुपयोग हुआ था और नागरिकों को अनेक अत्याचारों तथा दमन का सामना करना पड़ा था।

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