अरुणाचल में बाढ़ और भूस्खलन के बाद राहत-बचाव कार्य तेज, सड़क बहाली में जुटे BRO और SDRF
थर्ड आई न्यूज
ईटानगर, 25 जून। अरुणाचल प्रदेश के कीई पन्योर (Keyi Panyor) जिले में भूस्खलन, अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड) और सड़कों के बह जाने से हुए व्यापक नुकसान के बाद प्रशासन ने राहत, बचाव और सड़क बहाली कार्यों में तेजी ला दी है। जिला प्रशासन, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), पुलिस तथा सीमा सड़क संगठन (BRO) संयुक्त रूप से प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति सामान्य करने के प्रयासों में जुटे हैं।
गुरुवार को याचुली से जारी ताजा स्थिति रिपोर्ट के अनुसार, पोटिन–पोसा मार्ग पर आठ प्रमुख स्थानों पर सड़क अवरुद्ध हो गई है, जिससे क्षेत्र की यातायात व्यवस्था गंभीर रूप से प्रभावित हुई है।
अधिकारियों ने बताया कि पोटिन–लिची तथा पोसा–पोटिन सड़क खंड बुनियादी ढांचे को भारी क्षति पहुंचने के कारण पूरी तरह से यातायात के लिए बंद हो चुके हैं। सड़क साफ करने का कार्य जारी है, लेकिन नुकसान की व्यापकता को देखते हुए बहाली में कई दिन लग सकते हैं। फिलहाल यातायात बहाल होने की कोई निश्चित समयसीमा निर्धारित नहीं की गई है।
सड़क बहाली कार्य में तेजी लाने के लिए पिटापूल की ओर से दो पोकलेन (Poclain) मशीनें तैनात की गई हैं, ताकि पोटिन तक सड़क मार्ग को जल्द से जल्द साफ किया जा सके। इसके अलावा क्रा दादी और कामले जिलों से ट्रेलर ट्रकों की व्यवस्था की गई है तथा स्थानीय स्तर पर भी खुदाई संबंधी मशीनरी लगाई गई है।
सीमा सड़क संगठन (BRO) भी किमिन की ओर से प्रभावित मार्गों को खोलने के लिए लगातार सड़क सफाई और बहाली अभियान चला रहा है। प्रशासन का अनुमान है कि सामान्य वाहन आवागमन बहाल होने में अभी तीन से चार दिन और लग सकते हैं।
इधर, लापता चार लोगों की तलाश के लिए SDRF और जिला पुलिस के अतिरिक्त जवानों को तैनात किया गया है। खोज एवं बचाव अभियान लगातार जारी है।
आपात राहत कार्यों के तहत एक गंभीर रूप से बीमार मरीज को हेलीकॉप्टर से जीरो से एयरलिफ्ट किया गया, जबकि स्वर्गीय निर्मला गुप्ता के पार्थिव शरीर को भारतीय वायुसेना द्वारा पिटापूल ग्राउंड से स्थानांतरित किया गया।
जलापूर्ति व्यवस्था को भी बहाल करने के प्रयास जारी हैं। स्थानीय निवासियों के सहयोग से प्रभावित क्षेत्र के उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में अस्थायी रूप से पेयजल आपूर्ति पुनः शुरू कर दी गई है।
प्रशासन ने उम्मीद जताई है कि न्यू पिटापूल क्षेत्र में आवश्यक सेवाओं और संपर्क व्यवस्था की अस्थायी बहाली गुरुवार शाम तक संभव हो जाएगी। प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं पुनर्वास कार्य लगातार जारी हैं।

