मोरान : जुबिन गर्ग की प्रतिमा के अनावरण में मारवाड़ी समाज की सहभागिता बनी समन्वय की मिसाल, प्रतिमा का अनुदान ओमप्रकाश गाड़ोदिया परिवार ने किया

थर्ड आई न्यूज़

मोरानहाट, 8 जुलाई। स्थानीय समाज के साथ समन्वय और सामाजिक सौहार्द की अपनी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए मारवाड़ी सम्मेलन, मोरानहाट शाखा ने बुधवार को मोरान मिलित शिल्पी समाज द्वारा आयोजित नागरिक समारोह में सक्रिय सहभागिता निभाई। इस अवसर पर मोरान ठाकुरबाड़ी फील्ड स्थित नव-निर्मित नाट्य मंदिर प्रेक्षागृह परिसर में असम के लोकप्रिय गायक एवं संगीतकार जुबिन गर्ग की आदमकद प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद प्रसिद्ध संगीतकार अनुराग सैकिया ने प्रतिमा का अनावरण किया। समारोह में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधियों तथा मारवाड़ी समाज के सदस्यों ने भाग लिया।

प्रतिमा का अनुदान समाजसेवी ओमप्रकाश गाड़ोदिया और उनके परिवार द्वारा दिया गया। इस अवसर पर ओमप्रकाश गाड़ोदिया, कांता गाड़ोदिया, अरविंद गाड़ोदिया, अर्चना गाड़ोदिया एवं कृषिव गाड़ोदिया समारोह में उपस्थित रहे।

प्रतिमा अनावरण के पश्चात प्रेक्षागृह में आयोजित नागरिक अभिनंदन समारोह में अनुराग सैकिया तथा ओमप्रकाश गाड़ोदिया का फूलाम गमछा, सराय और प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मान किया गया। विभिन्न सामाजिक संगठनों के साथ-साथ मारवाड़ी महिला सम्मेलन, मोरानहाट शाखा तथा मारवाड़ी सम्मेलन, मोरानहाट शाखा ने भी दोनों अतिथियों का अभिनंदन किया।

अपने संबोधन में ओमप्रकाश गाड़ोदिया ने कहा कि जुबिन गर्ग जैसी महान सांस्कृतिक विभूति की प्रतिमा के अनुदान का अवसर मिलना उनके परिवार के लिए गर्व और सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि उनका परिवार सदैव समाजहित एवं समन्वय से जुड़े कार्यों में सक्रिय रहा है और भविष्य में भी ऐसे प्रयासों में अपनी भागीदारी जारी रखेगा।

मारवाड़ी सम्मेलन, मोरानहाट शाखा के अध्यक्ष बिनोद अग्रवाल तथा सचिव छगनलाल माड़ोदिया ने कहा कि मोरान का मारवाड़ी समाज प्रारंभ से ही स्थानीय समाज के साथ समन्वय और सौहार्द का समर्थक रहा है। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व देवकीनंदन अग्रवाल द्वारा रूपकुंवर ज्योतिप्रसाद अग्रवाल की प्रतिमा के लिए दिए गए योगदान के बाद अब ओमप्रकाश गाड़ोदिया परिवार द्वारा जुबिन गर्ग की प्रतिमा का अनुदान इस परंपरा को और सशक्त बनाता है।

उन्होंने ओमप्रकाश गाड़ोदिया एवं उनके परिवार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रयास सामाजिक समरसता को मजबूत करने के साथ-साथ स्थानीय समाज और मारवाड़ी समाज के बीच विश्वास एवं आत्मीयता को भी नई ऊंचाई प्रदान करते हैं।

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