लखीमपुर में बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लेने पहुंची केंद्र की अंतर-मंत्रालयी टीम, सांसद प्रधान बरुआ ने उठाई स्थायी समाधान की मांग
थर्ड आई न्यूज
लखीमपुर से बाबू देव पांडे
वर्ष 2025 और 2026 की बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा गठित अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दल (आईएमसीटी) ने शुक्रवार को लखीमपुर जिले का दौरा कर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का विस्तृत निरीक्षण किया।
केंद्रीय दल में भारत सरकार के संयुक्त सचिव प्रवीण कुमार राय, वित्त मंत्रालय के संयुक्त निदेशक महेश कुमार तथा राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र (एनआरएससी) के वैज्ञानिक डॉ. एस. वी. एस. पी. शर्मा शामिल थे।
दौरे की शुरुआत जिला आयुक्त कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक से हुई। बैठक में जिला प्रशासन ने वर्ष 2025 और 2026 की बाढ़ से जिले में हुई क्षति का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। प्रशासन ने बताया कि बाढ़ के कारण कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन, आवास, सड़क एवं पुल, जल संसाधन, शिक्षा, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी सहित विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक नुकसान हुआ है। साथ ही राहत, बचाव और पुनर्वास कार्यों की जानकारी भी केंद्रीय दल को दी गई।
बैठक के बाद केंद्रीय टीम ने जिले के सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे, कृषि भूमि, नदी कटाव से प्रभावित इलाकों तथा बाढ़ पीड़ितों की स्थिति का जायजा लिया। टीम ने पुनर्निर्माण कार्यों का निरीक्षण करने के साथ ही स्थानीय लोगों और संबंधित विभागों के अधिकारियों से भी बातचीत कर जमीनी स्थिति की जानकारी प्राप्त की।
निरीक्षण के दौरान लखीमपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद प्रधान बरुआ भी उपस्थित रहे। उन्होंने केंद्रीय दल को बाढ़ एवं नदी कटाव से प्रभावित क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति से अवगत कराया तथा जिले में दीर्घकालिक एवं स्थायी बाढ़ नियंत्रण व्यवस्था लागू करने की आवश्यकता पर बल दिया।
दौरे के अंत में अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दल ने कहा कि निरीक्षण के दौरान एकत्रित तथ्यों, बाढ़ से हुई क्षति तथा राहत एवं पुनर्वास कार्यों के आधार पर भारत सरकार को विस्तृत प्रतिवेदन सौंपा जाएगा।

