असम की भीषण बाढ़ में मानवता का संबल बना पूर्वोत्तर प्रदेशीय मारवाड़ी युवा मंच
50 से अधिक शाखाओं का राहत अभियान जारी, हजारों बाढ़ पीड़ितों तक पहुंचाई भोजन, दवाइयां और आवश्यक सामग्री
गुवाहाटी, 1 अगस्त। असम में आई भीषण बाढ़ ने राज्य के कई जिलों में व्यापक तबाही मचाई है। विशेष रूप से जोरहाट, शिवसागर और चराईदेव जिले सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। लगातार हुई मूसलाधार बारिश और नदियों के जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि से एक हजार से अधिक गांव जलमग्न हो गए। हजारों परिवार बेघर हो गए, फसलें नष्ट हो गईं और लोगों के सामने भोजन, स्वच्छ पेयजल तथा सुरक्षित आश्रय का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया।
ऐसे कठिन समय में पूर्वोत्तर प्रदेशीय मारवाड़ी युवा मंच ने व्यापक राहत एवं सेवा अभियान चलाकर मानवता की मिसाल पेश की है। बाढ़ की सूचना मिलते ही मंच की विभिन्न शाखाओं ने राहत सामग्री एकत्रित कर प्रभावित क्षेत्रों में युद्धस्तर पर सहायता पहुंचाना शुरू कर दिया। देखते ही देखते यह अभियान पूरे पूर्वोत्तर प्रदेश की 50 से अधिक शाखाओं का सामूहिक सेवा अभियान बन गया।
मंच के स्वयंसेवक लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सूखा राशन, तैयार भोजन, स्वच्छ पेयजल, दूध, बिस्कुट, कपड़े, दवाइयां, सैनिटरी सामग्री, मोमबत्तियां, माचिस तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं का वितरण कर रहे हैं। इसके अलावा समाज के भवनों, धर्मशालाओं और मंदिरों को अस्थायी राहत शिविरों में परिवर्तित कर अनेक परिवारों को सुरक्षित आश्रय भी उपलब्ध कराया गया है। कई स्थानों पर स्वयंसेवकों ने प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर राहत सामग्री दूर-दराज के जलमग्न गांवों तक पहुंचाई।

बाढ़ राहत अभियान के संयोजक रौनक अग्रवाल और श्रेयांश जैन ने बताया कि स्थानीय शाखाओं के साथ-साथ पूर्वोत्तर प्रदेश की लगभग सभी शाखाएं राहत कार्यों में सक्रिय सहयोग कर रही हैं। विभिन्न शाखाओं द्वारा राहत सामग्री, आर्थिक सहयोग और स्वयंसेवकों की टीमें भेजी जा रही हैं, जिससे अभियान निरंतर गति के साथ संचालित हो रहा है।
प्रांतीय अध्यक्ष राज चौधरी ने कहा कि प्राकृतिक आपदा की इस कठिन घड़ी में मंच की प्रत्येक शाखा मानव सेवा को अपना सर्वोच्च दायित्व मानकर कार्य कर रही है। डिब्रूगढ़ से धुबड़ी तक स्वयंसेवक दिन-रात राहत कार्यों में जुटे हैं। उन्होंने कहा कि मारवाड़ी समाज हमेशा से असम के विकास, सामाजिक सरोकारों और सेवा कार्यों में अग्रणी रहा है तथा भविष्य में भी इसी समर्पण के साथ समाज के साथ खड़ा रहेगा।
उन्होंने लोगों से सोशल मीडिया पर प्रसारित भ्रामक एवं भड़काऊ सूचनाओं से सावधान रहने और केवल प्रमाणित तथ्यों पर विश्वास करने की अपील करते हुए कहा कि सेवा ही मारवाड़ी समाज की पहचान है और यह कार्य बिना किसी भेदभाव के निरंतर जारी रहेगा।
राहत अभियान में डिब्रूगढ़, शिवसागर, शिवसागर प्रगति, नॉर्थ लखीमपुर, सिमलगुड़ी, नाजिरा, बोकाखाट, गुवाहाटी, नगांव, धुबड़ी सहित 50 से अधिक शाखाएं सक्रिय रूप से भाग ले रही हैं। स्वयंसेवकों की टीमें लगातार बाढ़ प्रभावित गांवों तक पहुंचकर जरूरतमंद परिवारों की सहायता कर रही हैं और प्रशासन के साथ मिलकर राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग दे रही हैं।
राहत अभियान की निगरानी स्वयं प्रांतीय अध्यक्ष राज चौधरी, प्रांतीय महामंत्री प्रभात निमोडिया तथा प्रांतीय उपाध्यक्ष (मुख्यालय) प्रशांत गोयंका प्रभावित क्षेत्रों में रहकर कर रहे हैं। वे विभिन्न शाखाओं के बीच समन्वय स्थापित करने, राहत सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने और अभियान को अधिक प्रभावी बनाने में जुटे हैं।
इस अभियान का सबसे प्रेरणादायक पहलू यह है कि शिवसागर, सिमलगुड़ी और नाजिरा के कई स्वयंसेवकों के अपने घर भी बाढ़ की चपेट में आ गए। इसके बावजूद उन्होंने अपने व्यक्तिगत संकट से ऊपर उठकर राहत कार्यों को प्राथमिकता दी। अपने परिवारों की चिंता के साथ-साथ वे दिन-रात बाढ़ पीड़ितों तक राहत सामग्री पहुंचाने, उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने में जुटे रहे। उनकी यह सेवा भावना समाज के लिए प्रेरणा का उदाहरण बन गई है।
पूर्वोत्तर प्रदेशीय मारवाड़ी युवा मंच ने स्पष्ट किया है कि जब तक बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य स्थिति पूरी तरह बहाल नहीं हो जाती, तब तक राहत एवं पुनर्वास का अभियान लगातार जारी रहेगा। मंच ने समाज के सभी वर्गों से भी इस मानवीय अभियान में सहयोग की अपील की है, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों तक समय पर सहायता पहुंचाई जा सके।
उक्त जानकारी पूर्वोत्तर प्रदेशीय मारवाड़ी युवा मंच के प्रांतीय जनसंपर्क समन्वयक सेंकी अग्रवाल ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी।

