पितृ अमावस्या पर गौसेवा के लिए उमड़े श्रद्धालु, आठगांव और मालीगांव गौशाला में रही चहल-पहल, गौमाता की पूजा-अर्चना के साथ किया गोदान, हरी घास, गुड़ और गौ सवामणी अर्पित की

थर्ड आई न्यूज़

गुवाहाटी, 10 अक्टूबर। पितृपक्ष के अंतिम दिन शनिवार को पितृ अमावस्या के अवसर पर श्री गौहाटी गौशाला के आठगांव और मालीगांव स्थित दोनों परिसरों में गौसेवा के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही लोग अपने परिवार और बच्चों के साथ गौशाला पहुंचने लगे। श्रद्धालुओं ने गौमाता की विधिवत पूजा-अर्चना कर हरी घास, गुड़, चाप्पड़, रोटी और गौ सवामणी अर्पित की। अनेक श्रद्धालुओं ने अपने पितरों के निमित्त गोदान भी किया।

आठगांव गौशाला में असम पुलिस के सेवानिवृत्त महानिदेशक जी.एम. श्रीवास्तव ने अपनी धर्मपत्नी सुधा श्रीवास्तव के साथ पहुंचकर गौमाता की पूजा-अर्चना की। वहीं, मालीगांव गौशाला में पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के महाप्रबंधक चेतन श्रीवास्तव अपनी धर्मपत्नी शालिनी श्रीवास्तव के साथ पहुंचे और गौसेवा की। इस अवसर पर प्रधान मुख्य सुरक्षा अधिकारी मालविका नुरला और सुमित नुरला ने भी मालीगांव गौशाला में पूजा-अर्चना कर गौसेवा में भाग लिया।

गौशाला के चेयरमैन कैलाश लोहिया और कार्यकारिणी समिति के अध्यक्ष रमेश गोयनका ने भी अपने परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना के साथ गोदान किया तथा गौमाता का आशीर्वाद प्राप्त किया।

गौशाला के ट्रस्टी इंचार्ज डॉ. अशोक धानुका ने बताया कि पितृपक्ष के दौरान पूर्णिमा से अमावस्या तक दोनों गौशालाओं में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। गौमाता को हरी घास, गुड़ और चाप्पड़ अर्पित करने के साथ गौ सवामणी एवं गौपूरी की भी व्यवस्था की गई थी। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने इन व्यवस्थाओं का लाभ उठाया।

डॉ. धानुका ने कहा कि भारतीय परंपरा में पितृपक्ष के दौरान पूर्वजों के स्मरण के साथ गौसेवा और गोदान का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इसी भावना से प्रेरित होकर श्रद्धालुओं ने पूरे पितृपक्ष में दोनों गौशालाओं में पहुंचकर सेवा और दान किया। विशेष रूप से पितृ अमावस्या के दिन श्रद्धालुओं में उत्साह देखा गया।

गौशाला प्रबंधन की ओर से की गई व्यवस्थाओं की श्रद्धालुओं ने सराहना की। पितृपक्ष के समापन पर दोनों गौशालाओं में दिनभर धार्मिक एवं सेवाभावी वातावरण बना रहा।

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