Pawan Khera: पवन खेड़ा को फिलहाल गिरफ्तार नहीं कर पाएगी असम पुलिस, मिल गई है अग्रिम जमानत
थर्ड आई न्यूज
नई दिल्ली I पवन खेड़ा को फिलहाल असम पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाएगी, पवन खेड़ा को तेलंगाना हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई है।
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को तेलंगाना हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई है। पवन खेड़ा को असम पुलिस गिरफ्तार करने के लिए तलाश रही थी, जिसके बाद कांग्रेस नेता ने तेलंगाना हाईकोर्ट से राहत की मांग करते हुए अग्रिम जमानत की अपील की थी। जहां शुक्रवार को तेलंगाना हाईकोर्ट ने पवन खेड़ा को सात दिनों की अग्रिम जमानत दे दी है।
किस मामले में मिली पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत?
तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी लीगल सेल के पोन्नम अशोक गौड़ ने कहा कि तेलंगाना हाई कोर्ट ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा की पत्नी रिनिकी भुइयां शर्मा द्वारा दर्ज FIR के मामले में एक सप्ताह की अग्रिम जमानत दे दी है। हाई कोर्ट ने खेड़ा को संबंधित अदालत में अर्जी देने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है।
खेड़ा ने क्या दी थी दलील?
अपनी अग्रिम जमानत याचिका में खेड़ा ने दलील दी है कि वह कानून का पालन करने वाले नागरिक हैं, उनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और वह प्रमुख विपक्षी दल में एक जिम्मेदार पद पर हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि वह अपने खिलाफ दायर मामले में सहयोग करने के लिए तैयार हैं और इसलिए उन्हें अग्रिम जमानत दी जानी चाहिए।
हिमंत विश्व शर्मा की पत्नी पर क्या लगाए थे आरोप?
खेड़ा ने पांच अप्रैल को आरोप लगाया था कि शर्मा की पत्नी रिनिकी भुइयां शर्मा के पास कई पासपोर्ट और विदेशी संपत्ति है, जिसे मुख्यमंत्री के चुनावी हलफनामे में घोषित नहीं किया गया है। शर्मा दंपति ने इन आरोपों को ’’झूठा, मनगढ़ंत और दुर्भावनापूर्ण’’ बताया। मुख्यमंत्री की पत्नी की शिकायत पर गुवाहाटी अपराध शाखा थाने में खेड़ा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिनमें 175 (चुनाव के संबंध में झूठा बयान), 35 (शरीर और संपत्ति की निजी रक्षा का अधिकार) और 318 (धोखाधड़ी) भी शामिल हैं। इससे पहले, असम पुलिस की एक टीम मामले के सिलसिले में पूछताछ के लिए दिल्ली में खेड़ा के आवास पर गई थी, लेकिन वह वहां नहीं मिले। असम पुलिस की टीम ने मकान की तलाशी ली और अभियोजन योग्य सामग्री मिलने का दावा किया। मंगलवार को शर्मा ने कांग्रेस पर उन दस्तावेजों का ’’सत्यापन न करने’’ का आरोप लगाया, जिनके आधार पर उसने उन पर और उनके परिवार पर आरोप लगाए थे। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि खेड़ा हैदराबाद भाग गए हैं, लेकिन असम पुलिस उन्हें ’’पाताल’’ से भी ढूंढ निकालेगी।


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