गौशाला में भक्तिमय माहौल, नानी बाई रो मायरो कथा में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़, राधा-कृष्ण की जीवंत झांकी और भजनों ने श्रद्धालुओं को किया भावविभोर

थर्ड आई न्यूज़

गुवाहाटी, 25 मई। आठगांव स्थित श्री गौहाटी गौशाला के वृंदावन गार्डन प्रांगण में सेठ सांवरिया सत्संग समिति के तत्वावधान में आयोजित आठ दिवसीय “नानी बाई रो मायरो” संग भक्तमाल कथा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। कथा के दूसरे दिन भी पूरा पंडाल भक्तिरस में डूबा नजर आया।

व्यासपीठ से कथा वाचन करते हुए मुख्य कथावाचक गौरव व्यास ने कहा कि वर्तमान समय में कथा और भक्ति का महत्व पहले से अधिक बढ़ गया है। आज मनुष्य के पास भौतिक सुख-सुविधाओं की कमी नहीं है, फिर भी जीवन में शांति का अभाव दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि वास्तविक समाधान ईश्वर भक्ति और आत्मिक जुड़ाव में निहित है।

कथा के दौरान गौरव व्यास ने नानी बाई रो मायरो प्रसंग के साथ संत नरसिंह मेहता के प्रारंभिक जीवन का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भक्ति दो प्रकार की होती है—कामना युक्त भक्ति और निष्काम भक्ति। इनमें निष्काम भक्ति को सर्वोच्च बताते हुए उन्होंने कहा कि सच्चा भक्त ठाकुरजी से किसी प्रकार की अपेक्षा नहीं रखता, क्योंकि भगवान स्वयं अपने भक्तों के भाव को समझते हैं।

उन्होंने नरसी मेहता की हुंडी स्वीकार करने वाले सांवरिया सेठ के प्रसंग का उल्लेख करते हुए राजस्थान के प्रसिद्ध भक्त लाखाजी से जुड़े प्रसंग को भी रोचक शैली में प्रस्तुत किया, जिसे श्रद्धालुओं ने भावविभोर होकर सुना।

कथा के बीच-बीच में भजनों की मधुर प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। वहीं राधा-कृष्ण और गोपियों की जीवंत झांकी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही। झांकी के दर्शन कर उपस्थित भक्तगण भावविभोर हो उठे।

आयोजन समिति के सुरेंद्र लाठ ने बताया कि दूसरे दिन की पूजा रेनु-संतोष चौधरी, रित-अजय अग्रवाल, प्रियंका-विशाल लाठ एवं सरिता-महेंद्र अग्रवाल द्वारा कराई गई। उन्होंने बताया कि कथा का आयोजन प्रतिदिन अपराह्न 2:30 बजे से शाम 6 बजे तक किया जा रहा है।

समिति के सभी सदस्य आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं।

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