मोरिकलंग डकैती कांड: घायल डॉ. रूपरेखा सैकिया का निधन, क्षेत्र में शोक की लहर
थर्ड आई न्यूज
नगांव से जयप्रकाश सिंह
नगांव शहर के मोरिकलंग इलाके में गत 24 अप्रैल को हुई सनसनीखेज डकैती की घटना में गंभीर रूप से घायल डॉ. रूपरेखा सैकिया का आज तड़के गुवाहाटी के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान निधन हो गया। उनके निधन की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
पोस्टमार्टम के बाद आज शाम जब डॉ. रूपरेखा सैकिया का पार्थिव शरीर मोरिकलंग स्थित उनके आवास लाया गया, तो आसपास के लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और माहौल गमगीन हो गया।
उल्लेखनीय है कि 24 अप्रैल की तड़के मोरिकलंग के सेउज नगर स्थित डॉ. रंजीत सैकिया के घर में पांच सदस्यीय डकैत गिरोह ने धावा बोलकर लूटपाट की घटना को अंजाम दिया था। इस दौरान डकैतों ने डॉ. रंजीत सैकिया और उनकी पत्नी डॉ. रूपरेखा सैकिया पर धारदार हथियारों से बेरहमी से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था।
घटना के बाद दोनों का प्रारंभिक उपचार नगांव में किया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर उन्हें गुवाहाटी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां डॉ. रंजीत सैकिया की स्थिति में सुधार हुआ, वहीं डॉ. रूपरेखा सैकिया कई दिनों तक आईसीयू में जिंदगी और मौत से संघर्ष करती रहीं और आखिरकार आज उन्होंने अंतिम सांस ली।
इस जघन्य वारदात के बाद नगांव पुलिस ने आधुनिक तकनीक और विशेष जांच अभियान के जरिए डकैत गिरोह की पहचान कर कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने 26 अप्रैल को दो कुख्यात डकैतों उमर अली और मिंटू हुसैन को गिरफ्तार किया था। इसके बाद मोरीगांव जिले के मैराबाड़ी क्षेत्र से नाजिरुल इस्लाम को भी गिरफ्तार किया गया। तीनों आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
पुलिस ने अभियान जारी रखते हुए कल तीन और आरोपियों — राजीबुर रहमान, रेज्जाक अली और नूर हुसैन अली — को लखीमपुर से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
आज आयोजित एक प्रेस वार्ता में नगांव के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पार्थ प्रतिम दास ने बताया कि गिरफ्तार डकैतों की निशानदेही पर पुलिस ने मोरिकलंग के एक परित्यक्त स्थान से घटना में इस्तेमाल किए गए दो धारदार दाव बरामद किए हैं। साथ ही डकैती में प्रयुक्त AR01M 4013 नंबर की बोलेरो गाड़ी भी जब्त की गई है। वाहन मालिक को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन से डॉ. रंजीत सैकिया से लूटे गए नकली सोने के गहनों की तस्वीरें भी बरामद की हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है।
उधर, डॉ. रूपरेखा सैकिया की मृत्यु के बाद पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) भी जोड़ दी है। यह जानकारी भी पुलिस अधीक्षक ने प्रेस वार्ता में दी।

