नरसी मेहता ने मायरा भरने के लिए प्रभु से की करुण पुकार, कल गौशाला में होगा नानी बाई के मायरे का भव्य आयोजन

थर्ड आई न्यूज़

गुवाहाटी, 29 मई। आठगांव स्थित श्री गौहाटी गौशाला के वृंदावन गार्डन प्रांगण में सेठ सांवरिया सत्संग समिति के तत्वावधान में आयोजित आठ दिवसीय नानी बाई रो मायरो संग भक्तमाल कथा के छठे दिन भक्त शिरोमणि सूरदास और नरसी मेहता के प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया।

व्यासपीठ से कथा वाचन करते हुए गौरव व्यास ने सूरदास के जीवन, उनकी कृष्ण भक्ति और अमर काव्य रचनाओं का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने बताया कि जन्म से नेत्रहीन होने के बावजूद सूरदास के अंतर्मन में भक्ति, ज्ञान और अध्यात्म का अथाह प्रकाश था। महाप्रभु वल्लभाचार्य की शरण में आने के बाद वे अष्टछाप के प्रमुख कवियों में शामिल हुए और ब्रजभूमि में रहकर भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का अद्भुत साहित्य रचा।

कथा के दौरान व्यास ने सूरदास के प्रसिद्ध पद “मैया मोरी मैं नहीं माखन खायो” का भावार्थ सुनाते हुए बालकृष्ण की मनोहारी लीलाओं का ऐसा चित्रण किया कि पूरा पंडाल भाव-विभोर हो उठा। उन्होंने कहा कि सूरसागर, सूरसारावली और साहित्य-लहरी जैसी कृतियां आज भी भक्ति साहित्य की अमूल्य धरोहर हैं।

इसी क्रम में नानी बाई रो मायरो का अत्यंत मार्मिक प्रसंग भी प्रस्तुत किया गया। गौरव व्यास ने नरसी मेहता और उनकी पुत्री नानी बाई के बीच हुए भावनात्मक संवाद का वर्णन करते हुए बताया कि जब मायरे का समय आया और साधनों का अभाव सामने था, तब नरसी मेहता ने अपने आराध्य ठाकुरजी के समक्ष विनम्र प्रार्थना की। उन्होंने मायरा भरने की जिम्मेदारी प्रभु पर छोड़ दी और पूर्ण विश्वास के साथ उनकी शरण ग्रहण की। यह प्रसंग श्रद्धालुओं को यह संदेश देता है कि सच्ची श्रद्धा और अटूट विश्वास रखने वाले भक्त की सहायता के लिए भगवान स्वयं मार्ग प्रशस्त करते हैं।

कथा के दौरान संगीतमय भजनों की प्रस्तुतियों ने माहौल को और अधिक भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालुओं ने भक्ति और भावनाओं से ओतप्रोत कथा का आनंद लिया।

आयोजन समिति के सुरेंद्र लाठ ने बताया कि शनिवार को गौशाला प्रांगण में नानी बाई का मायरा भव्य रूप से भरा जाएगा, जिसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने बताया कि छठे दिन की पूजा पंडित प्रकाश शास्त्री के मार्गदर्शन में रेनु-संतोष चौधरी तथा कृष्णा-सुरेश सोनी द्वारा संपन्न कराई गई। वहीं गौशाला के ट्रस्टी इंचार्ज डॉ. अशोक कुमार धानुका ने व्यासपीठ की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

पुरुषोत्तम मास के अवसर पर आयोजित यह कथा प्रतिदिन अपराह्न 2:30 बजे से शाम 6 बजे तक जारी है। आयोजन को सफल बनाने में समिति के सभी सदस्य सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं।

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