विश्व पर्यावरण दिवस पर नगांव में पर्यावरण संरक्षण का संदेश: वृक्षारोपण, जागरूकता रैली और नुक्कड़ नाटकों का आयोजन
थर्ड आई न्यूज
नगांव से जयप्रकाश सिंह
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर नगांव जिले में विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक संस्थाओं द्वारा पर्यावरण संरक्षण और जन-जागरूकता को लेकर अनेक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। वृक्षारोपण, पौधा वितरण, जागरूकता रैली, पर्यावरण सम्मेलन तथा नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से लोगों को प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया गया।
मारवाड़ी सम्मेलन, नगांव शाखा द्वारा मारवाड़ी हिन्दी हाई स्कूल परिसर में वृक्षारोपण एवं पौधा वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता एवं जिम्मेदारी की भावना विकसित करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ सम्मेलन के आजीवन सदस्य एवं सलाहकार राधारमण खाटूवाला द्वारा विद्यालय के प्रधानाचार्य के. देव तथा विद्यालय संचालन समिति के अध्यक्ष ओमप्रकाश जाजोदिया का फुलाम गमछा पहनाकर सम्मान करने के साथ हुआ। इस अवसर पर संचालन समिति के उपाध्यक्ष सुनील आलमपुरिया का भी अभिनंदन किया गया।
शाखा अध्यक्ष प्रमोद कोठारी ने पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पर्यावरण हमारे जीवन का आधार है और इसके संरक्षण के बिना पृथ्वी पर जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने विद्यार्थियों से अधिकाधिक वृक्षारोपण करने तथा पर्यावरण के प्रति सजग रहने का आह्वान किया।
कार्यक्रम संयोजक एवं शाखा उपाध्यक्ष गोपाल पौद्दार ने विद्यार्थियों को वितरित किए गए पौधों की नियमित देखभाल करने की प्रेरणा देते हुए घोषणा की कि सर्वश्रेष्ठ देखभाल करने वाले तीन विद्यार्थियों को प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।
इस अवसर पर मंडलीय उपाध्यक्ष संजय गाड़ोदिया, शाखा सचिव विजयराज किल्ला, कोषाध्यक्ष बालकिशन अग्रवाल, उपाध्यक्ष जगदीश धूत, पूर्व अध्यक्ष एवं लायंस डिस्ट्रिक्ट गवर्नर ललित कोठारी, संगठन मंत्री दिलीप शोभासरिया, सह सचिव सारंग खाटूवाला तथा अन्य सदस्यों ने विद्यार्थियों के बीच 100 पौधों का वितरण किया। साथ ही विद्यालय परिसर में पांच पौधे भी रोपे गए।
कार्यक्रम का संचालन सारंग खाटूवाला ने किया। कार्यक्रम के उपरांत विद्यार्थियों को चॉकलेट तथा शिक्षकों को अल्पाहार वितरित किया गया। पौधों, चॉकलेट एवं अल्पाहार की व्यवस्था गोपाल पौद्दार द्वारा की गई। कार्यक्रम की जानकारी शाखा के संयुक्त सचिव अरुण नागरका ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी।
इधर, नगांव गर्ल्स कॉलेज में “सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट” की पहल पर “वसुधा-2026” शीर्षक पर्यावरण सम्मेलन का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि जिला आयुक्त देवाशीष शर्मा ने महाविद्यालय परिसर में पौधारोपण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने बढ़ते वैश्विक तापमान और पर्यावरणीय असंतुलन पर चिंता व्यक्त करते हुए छात्राओं से पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
विशिष्ट लेखक एवं वरिष्ठ पत्रकार मृणाल तालुकदार ने भी पर्यावरण संरक्षण के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. कुलेन दास, शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।
वहीं, नवरूप सीनियर सेकेंडरी स्कूल में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए। शिक्षाविद् एवं साहित्यकार डॉ. शरद बरकटकी ने विद्यार्थियों द्वारा तैयार असम के लोकप्रिय गायक जूबिन गर्ग पर आधारित विशेष दीवार पत्रिका “आरोहण” का उद्घाटन किया। इसके बाद विद्यार्थियों ने पर्यावरण जागरूकता रैली निकाली तथा चित्रकला, नारा लेखन और भाषण प्रतियोगिताओं में भाग लिया। छोटे विद्यार्थियों ने अपने घरों में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
इसके अतिरिक्त जिले के विभिन्न विद्यालयों और संस्थानों में भी विश्व पर्यावरण दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। कई स्थानों पर नुक्कड़ नाटकों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
पुरानीगुदाम स्थित सामाजिक-सांस्कृतिक संस्था “शंखध्वनि कलाकार समाज” ने क्षेत्र के तीन प्रमुख विद्यालयों—शंकरदेव विद्यानिकेतन, श्रीश्री पीताम्बर देवगोस्वामी उच्च माध्यमिक विद्यालय तथा हालोवागांव उच्च माध्यमिक विद्यालय—में पर्यावरण जागरूकता के उद्देश्य से “गछर आर्तनाद” (पेड़ों की पुकार) नामक नाटक का मंचन किया।
ज्ञानदीप हजारिका द्वारा लिखित एवं निर्देशित तथा नितीश बोरा के सह-निर्देशन में प्रस्तुत इस नाटक में नितीश बोरा, शतभिषा गायन, लूना गायन, प्रियानुज पराशर, काव्यश्री कश्यप, गर्गी भुइंया, कुँवली सैकिया और सुमित हजारिका ने प्रभावशाली अभिनय कर दर्शकों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित इन कार्यक्रमों ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ समाज को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का महत्वपूर्ण संदेश दिया।

