जोराबाट-यूएसटीएम क्षेत्र का अनियंत्रित विकास गुवाहाटी के लिए बड़ा खतरा: मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा

थर्ड आई न्यूज

गुवाहाटी, 24 जुलाई। असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने मेघालय के जोराबाट-यूएसटीएम (University of Science and Technology Meghalaya) क्षेत्र में हो रहे अनियंत्रित विकास पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे भविष्य में गुवाहाटी को भूस्खलन और बाढ़ जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

दिसपुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले की जांच सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित समिति ने की थी और समिति ने अपनी रिपोर्ट में पर्यावरणीय जोखिमों को लेकर बेहद गंभीर टिप्पणियां की हैं।

उन्होंने कहा, “सुप्रीम कोर्ट की समिति ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि जोराबाट, विशेषकर यूएसटीएम और उसके आसपास हो रहा विकास गुवाहाटी के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।”

मुख्यमंत्री ने मेघालय सरकार से इस विषय पर गंभीरता से विचार करने की अपील करते हुए कहा कि सीमा पार हो रहे तीव्र निर्माण कार्यों का प्रभाव असम, विशेषकर गुवाहाटी, पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के पर्यावरणीय प्रभावों को ध्यान में रखते हुए उचित नियंत्रण आवश्यक है।

शर्मा ने कहा, “मैं मेघालय सरकार से आग्रह करता हूं कि वह असम पर पड़ने वाले प्रभावों को संवेदनशीलता के साथ देखते हुए जोराबाट और उसके आसपास के विकास कार्यों को नियंत्रित करने पर विचार करे।”

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अनियंत्रित निर्माण कार्य जारी रहे, तो गुवाहाटी को सुरक्षित रखना बेहद कठिन हो जाएगा। उनके अनुसार, पहाड़ी क्षेत्रों से आने वाले भारी जलप्रवाह को कोई भी आधुनिक ड्रेनेज प्रणाली पूरी तरह नियंत्रित नहीं कर पाएगी, जिससे शहर में बाढ़ और जलभराव की स्थिति और गंभीर हो सकती है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस मुद्दे पर उनकी मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा से लगातार बातचीत हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि मामला फिलहाल सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है और अगली सुनवाई के दौरान असम सरकार अपना पक्ष मजबूती से रखेगी।

उन्होंने कहा, “मैं मेघालय के मुख्यमंत्री के संपर्क में हूं। मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है और सुनवाई के दौरान असम सरकार अपने पक्ष को पूरी मजबूती से रखेगी।”

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