शाकंभरी माता महोत्सव का रजत जयंती वर्ष, भव्य आयोजन की तैयारियों के लिए रविवार को सभा, भक्त मंडल ने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से सभा में शामिल होने की अपील की

थर्ड आई न्यूज

गुवाहाटी। राजस्थान के प्रसिद्ध सकराय धाम की आराध्य माता शाकंभरी का वार्षिक महोत्सव गुवाहाटी में इस बार विशेष स्वरूप में मनाया जाएगा। पिछले 24 वर्षों से लगातार आयोजित हो रहा यह महोत्सव अपने 25वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। रजत जयंती वर्ष को भव्य, दिव्य और व्यापक स्वरूप देने के लिए श्री शाकंभरी भक्त मंडल, गुवाहाटी ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।

रजत जयंती महोत्सव की रूपरेखा तय करने और तैयारियों को गति देने के उद्देश्य से रविवार, 13 सितंबर को सुबह 11 बजे सांगानेरिया धर्मशाला की दूसरी मंजिल पर एक आम सभा आयोजित की जाएगी। सभा में महोत्सव के स्वरूप, धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों, आयोजन व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सहभागिता सहित विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

श्री शाकंभरी भक्त मंडल ने माता के सभी भक्तों, समाज के गणमान्य लोगों, युवाओं और महिला श्रद्धालुओं से सभा में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होने की अपील की है। मंडल का कहना है कि 25 वर्ष की यात्रा अपने आप में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। रजत जयंती महोत्सव को ऐतिहासिक और यादगार बनाने के लिए सभी भक्तों के सुझाव, सहयोग और सक्रिय सहभागिता महत्वपूर्ण होगी।

इस बार 25वां शाकंभरी महोत्सव 9 एवं 10 जनवरी 2027 को आयोजित किया जाएगा। रजत जयंती को देखते हुए आयोजन का स्वरूप पिछले वर्षों की तुलना में अधिक व्यापक रखने की योजना है। रविवार की सभा में इससे जुड़े प्रस्तावों और कार्ययोजना पर चर्चा की जाएगी।

राजस्थान का प्रसिद्ध आस्था केंद्र है सकराय धाम :
राजस्थान के सीकर जिले में उदयपुरवाटी के निकट स्थित सकराय धाम माता शाकंभरी का प्राचीन और प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। राजस्थान पर्यटन भी सकराय गांव स्थित शाकंभरी माता मंदिर का उल्लेख करता है, जहां ब्राह्मणी और रुद्राणी स्वरूपों की प्रतिमाएं विराजमान हैं। माता शाकंभरी को देवी दुर्गा का स्वरूप माना जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार भीषण अकाल और अन्न-जल के संकट के समय देवी ने शाक एवं वनस्पतियों के माध्यम से प्राणियों का भरण-पोषण किया, इसी कारण उनका नाम ‘शाकंभरी’ पड़ा। सकराय धाम आज राजस्थान सहित देश के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है।

श्री शाकंभरी भक्त मंडल ने श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि रजत जयंती महोत्सव को सामूहिक उत्सव का स्वरूप देने के लिए वे रविवार की सभा में अवश्य शामिल हों और अपने सुझाव एवं सहयोग से आयोजन को सफल बनाने में भागीदार बनें।

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