47 की उम्र में गृहिणी नमिता अग्रवाल ने रचा सफलता का नया अध्याय, गौहाटी विश्वविद्यालय में हासिल किया चौथा स्थान
थर्ड आई न्यूज
वर्षों बाद फिर शुरू की पढ़ाई, एलएलबी में एनईएफ लॉ कॉलेज की टॉपर बनीं
गुवाहाटी। पढ़ाई की कोई उम्र नहीं होती और मजबूत इरादों के सामने वर्षों का अंतराल भी बाधा नहीं बनता। गुवाहाटी की 47 वर्षीय गृहिणी नमिता अग्रवाल ने इसे अपनी उपलब्धि से साबित कर दिखाया है। औपचारिक पढ़ाई से लंबे समय तक दूर रहने के बाद उन्होंने दोबारा किताबें थामीं और तीन वर्षीय एलएलबी पाठ्यक्रम पूरा करते हुए गौहाटी विश्वविद्यालय की अंतिम परीक्षा में चौथा स्थान हासिल किया। वह एनईएफ लॉ कॉलेज की टॉपर भी रही हैं।
गौहाटी विश्वविद्यालय द्वारा जून 2026 में आयोजित छठे सेमेस्टर की अंतिम एलएलबी परीक्षा के घोषित परिणाम में नमिता अग्रवाल ने 69.97 प्रतिशत/सीजीपीए अंक के साथ विश्वविद्यालय की मेरिट सूची में चौथा स्थान प्राप्त किया। विश्वविद्यालय की जारी सूची में एनईएफ लॉ कॉलेज के विद्यार्थियों में उनका स्थान सबसे ऊपर है।
नमिता के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है कि उन्होंने जीवन के उस पड़ाव पर दोबारा औपचारिक शिक्षा की ओर कदम बढ़ाया, जब आमतौर पर पारिवारिक जिम्मेदारियां व्यक्ति की प्राथमिकता बन चुकी होती हैं। रोशन अग्रवाल (भड़ेच) की पत्नी नमिता दो पुत्रियों की मां हैं। गृहस्थी और पारिवारिक दायित्वों के बीच उन्होंने वर्षों बाद एलएलबी में प्रवेश लिया और नियमित अध्ययन के साथ अपनी पढ़ाई पूरी की।
उनकी सफलता ‘जहां चाह, वहां राह’ की कहावत को सार्थक करती है। उम्र और लंबे शैक्षणिक अंतराल को पीछे छोड़कर विश्वविद्यालय की मेरिट सूची तक पहुंचना उन महिलाओं के लिए विशेष रूप से प्रेरक है, जो परिवार और अन्य जिम्मेदारियों के कारण कभी अपनी पढ़ाई या करियर को बीच में छोड़ चुकी हैं।
नमिता की उपलब्धि यह संदेश भी देती है कि शिक्षा के लिए किसी निश्चित उम्र की सीमा नहीं होती। परिस्थितियों के कारण किसी समय छूट गया सपना वर्षों बाद भी पूरा किया जा सकता है। जरूरत होती है अपने भीतर सीखने की इच्छा को जीवित रखने, लक्ष्य निर्धारित करने और उस दिशा में निरंतर आगे बढ़ने की।

