लखीमपुर में शारदीय दुर्गोत्सव की तैयारियों को लेकर प्रशासन की बैठक

जिले में 214 दुर्गा पूजा आयोजित होंगी, पूजा समितियों के लिए जारी किए गए 23 सूत्रीय दिशा-निर्देश

बाबू देव पांडे की रिपोर्ट

उत्तर लखीमपुर, 30 सितंबर। शारदीय दुर्गोत्सव को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से लखीमपुर जिला प्रशासन ने मंगलवार को उपायुक्त कार्यालय के सभागार में उच्चस्तरीय तैयारी बैठक आयोजित की। बैठक की अध्यक्षता जिला आयुक्त प्रणवजित काकती और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गुनेन्द्र डेका ने की।

बैठक में बताया गया कि इस वर्ष लखीमपुर जिले में कुल 214 दुर्गा पूजा का आयोजन किया जाएगा। दुर्गोत्सव के दौरान सुरक्षा, यातायात, अग्निशमन, विद्युत व्यवस्था, स्वच्छता और श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर प्रशासन ने पूजा समितियों के साथ विस्तृत चर्चा की।

बैठक में जिला विकास आयुक्त मनोरंजन पायेंग, अतिरिक्त जिला आयुक्तगण, चक्र अधिकारी, सहायक आयुक्त, नगरपालिका अध्यक्ष एवं कार्यकारी अधिकारी, APDCL के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिवहन अधिकारी, संयुक्त स्वास्थ्य निदेशक, कार्यकारी अभियंता, आबकारी अधीक्षक, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा के स्टेशन अधीक्षक तथा केंद्रीय पूजा समिति, लखीमपुर के अध्यक्ष-सचिव सहित विभिन्न पूजा समितियों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

प्रशासन की ओर से सभी पूजा समितियों के लिए 23 सूत्रीय सामान्य दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इसके तहत प्रत्येक पूजा मंडप में CCTV कैमरे लगाने तथा स्वयंसेवकों द्वारा संचालित 24 घंटे का कंट्रोल रूम स्थापित करना अनिवार्य किया गया है। कंट्रोल रूम का संपर्क नंबर संबंधित थाने में जमा करना होगा।

दिशा-निर्देशों के अनुसार रात 10 बजे से सुबह 8 बजे तक म्यूजिक सिस्टम, लाउडस्पीकर, माइक और ढाक बजाने पर प्रतिबंध रहेगा। भीड़ नियंत्रण के लिए प्रवेश और निकास के अलग-अलग रास्ते बनाने तथा पुरुष और महिला श्रद्धालुओं के लिए अलग व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।

प्रत्येक पूजा मंडप में कम से कम दो अग्निशामक यंत्र, पांच रेत की बाल्टियां, वॉच टावर, पर्याप्त रोशनी, जनरेटर, पेयजल और हेल्प डेस्क की व्यवस्था अनिवार्य होगी। मंडप के सामने समिति के अध्यक्ष एवं सचिव के साथ संबंधित थाने और अग्निशमन विभाग के संपर्क नंबर वाला सूचना बोर्ड भी लगाना होगा।

प्रशासन ने पूजा मंडपों में शराब और अन्य नशीले पदार्थों के सेवन एवं प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। जबरन चंदा वसूली पर भी रोक रहेगी। जारी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन होने पर संबंधित पूजा समिति को सीधे जिम्मेदार माना जाएगा। प्रशासन ने सभी पूजा समितियों से नियमों का पालन करते हुए दुर्गोत्सव को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने में सहयोग की अपील की।

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