गांधी व शास्त्री जयंती : खामब्रेंगा मैराथन में दौड़े असम भर के 300 से अधिक प्रतिभागी

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खेल के साथ नशामुक्ति, स्वच्छता और खामब्रेंगा बील के संरक्षण का संदेश; 21 किमी में तिखेश्वर कुर्मी और छांगमिर टेरोनपी बने विजेता

गुवाहाटी, 2 अक्टूबर। गांधी जयंती और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर चंद्रपुर क्षेत्र के ठाकुरकुची गांव में गुरुवार को छठी ऑल असम खामब्रेंगा मैराथन आयोजित की गई। खामब्रेंगा खेल प्रबंधन समिति और एच.एल. पोद्दार फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित मैराथन में असम के विभिन्न हिस्सों से 300 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। आयोजन के माध्यम से खेल और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के साथ स्वच्छता, नशामुक्ति तथा खामब्रेंगा बील और इसकी जैव-विविधता के संरक्षण का संदेश दिया गया।

खामब्रेंगा बील के प्राकृतिक परिवेश में सुबह 5 बजे 21 किलोमीटर दौड़ को खामब्रेंगा खेल प्रबंधन समिति के मुख्य सलाहकार एवं एच.एल. पोद्दार फाउंडेशन के अध्यक्ष अजय पोद्दार ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अन्य श्रेणियों की दौड़ का शुभारंभ पूर्व अध्यक्ष नरेश्वर बसुमतारी, अध्यक्ष संजय तुमंग एवं अन्य पदाधिकारियों और अतिथियों ने किया। इस अवसर पर सचिव निर्मल फांगचू, उपाध्यक्ष देवदास सिन्हा, कार्यकारी अध्यक्ष मनोज इंग्ती और कोषाध्यक्ष अजीत दैमारी भी उपस्थित रहे।

प्रतियोगिता चार श्रेणियों में हुई। 15 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के लड़के और लड़कियों के लिए 21 किलोमीटर तथा 7 से 14 वर्ष आयु वर्ग के लड़के और लड़कियों के लिए 10 किलोमीटर की दौड़ आयोजित की गई।

21 किलोमीटर पुरुष वर्ग में गोलाघाट के तिखेश्वर कुर्मी ने प्रथम स्थान हासिल किया। धेमाजी के मिगोम तायुंग दूसरे और जोरहाट के ब्रजेन ताई तीसरे स्थान पर रहे। महिला वर्ग में कार्बी आंगलोंग की छांगमिर टेरोनपी विजेता बनीं, जबकि तिनसुकिया की फुलमोनी ओरांग ने दूसरा और कार्बी आंगलोंग की कजुली क्रोपी ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।

21 किलोमीटर वर्ग के प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को क्रमशः 20 हजार, 15 हजार और 10 हजार रुपये के नकद पुरस्कार दिए गए। 10 किलोमीटर वर्ग में विजेताओं को क्रमशः पांच हजार, तीन हजार और दो हजार रुपये प्रदान किए गए। 21 किलोमीटर के पुरुष एवं महिला दोनों वर्गों में सात-सात सांत्वना पुरस्कार भी दिए गए।

मैराथन के साथ गांव के बच्चों के लिए चित्रकला प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। इसके माध्यम से बच्चों को पर्यावरण और स्थानीय प्राकृतिक विरासत के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया।

ठाकुरकुची गांव के कृष्णकमला सभागार में आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह का संचालन संयुक्त सचिव पूर्णिमा बोंगजांग ने किया। अजय पोद्दार और संजय तुमंग ने स्वागत वक्तव्य दिया, जबकि पूर्व अध्यक्ष एवं चंद्रपुर नागरिक समिति के अध्यक्ष नरेश्वर बसुमतारी ने अध्यक्षीय संबोधन किया।

समारोह में डिमोरिया के विधायक डॉ. तपन दास, जीएमसी पार्षद राशि बोरा सैकिया, कॉटन विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर डॉ. नारायण शर्मा, तिवा स्वायत्त परिषद की कार्यकारी सदस्य जबा इंग्ती, कार्बी कल्याण स्वायत्त परिषद के मुख्य कार्यकारी सदस्य डॉ. छारसिंग इंग्ती काठार, चंद्रपुर ग्राम रक्षा दल की अंचल अधिकारी अनिंदिता शर्मा और कार्बी स्वायत्त परिषद के कार्यकारी सदस्य दीपेन राहंग सहित कई गणमान्य लोग एवं स्थानीय निवासी उपस्थित रहे।

मैराथन के पुरस्कारों और जर्सी के लिए एच.एल. पोद्दार फाउंडेशन ने मुख्य सहयोग प्रदान किया। टाटा हिताची की ओर से क्षेत्रीय प्रबंधक पल्लव फुकन तथा कंचन पोद्दार के घरेलू अचार ब्रांड रसावेद ने भी आयोजन में सहयोग किया। आयोजकों की ओर से एच.एल. पोद्दार फाउंडेशन, टाटा हिताची और रसावेद को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

प्रतिभागियों के लिए पीयूष ग्रुप के चिकित्सकों एवं फिजियोथेरेपिस्ट की टीम ने चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराईं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और ग्राम रक्षा दल ने भी आयोजन में सहयोग किया।

आयोजकों ने बताया कि मैराथन का उद्देश्य विशेष रूप से चंद्रपुर क्षेत्र के युवाओं को खेलों से जोड़ने और स्वस्थ जीवनशैली के लिए प्रेरित करने के साथ खामब्रेंगा बील के संरक्षण, हाथियों एवं जैव-विविधता की सुरक्षा और क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। आयोजन के अंत में स्थानीय निवासियों, स्वयंसेवकों एवं सभी सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

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