गुवाहाटी के फ्लाईओवरों पर विकसित होंगे हरित उद्यान, 25 करोड़ रुपये की परियोजना पर काम शुरू
थर्ड आई न्यूज़
शहर के 20 प्रमुख यातायात क्षेत्रों में करीब 8,000 वर्गमीटर हिस्से को हरियाली से ढकने की योजना, प्रदूषण और सड़क की धूल कम करने पर जोर
गुवाहाटी, 15 अक्टूबर। गुवाहाटी को अधिक सुंदर और पर्यावरण अनुकूल शहर बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल शुरू की गई है। असम सरकार और गुवाहाटी नगर निगम (जीएमसी) ने शहर के प्रमुख फ्लाईओवरों के कंक्रीट के खंभों पर वर्टिकल गार्डन (ऊर्ध्वाधर उद्यान) विकसित करने के लिए 25 करोड़ रुपये की परियोजना शुरू की है। इसके तहत शहर के 20 प्रमुख फ्लाईओवर एवं यातायात क्षेत्रों में लगभग 8,000 वर्गमीटर हिस्से को हरे-भरे पौधों से ढकने की योजना है।
परियोजना के अंतर्गत फ्लाईओवरों के खंभों पर विशेष प्रकार के लोहे के ढांचे लगाए जा रहे हैं, जिनमें विभिन्न प्रजातियों के पौधे विकसित किए जाएंगे। इससे अब तक कंक्रीट के निर्जीव ढांचे के रूप में दिखाई देने वाले फ्लाईओवरों को हरियाली से आच्छादित किया जा सकेगा। नगर निगम का उद्देश्य शहर के सौंदर्यीकरण के साथ यातायात से होने वाले प्रदूषण और सड़क की धूल को कम करना भी है।
परियोजना पर काम शुरू हो चुका है। सुपरमार्केट के समीप भागदत्त फ्लाईओवर, आर्यनगर और दिसपुर सहित अधिक यातायात वाले क्षेत्रों में खंभों के चारों ओर विशेष स्टील फ्रेम लगाने का काम चल रहा है। इन ढांचों पर पौधे लगाकर उन्हें विकसित किया जाएगा, जिससे फ्लाईओवरों के नीचे और आसपास के हिस्सों का स्वरूप बदल जाएगा।
गुवाहाटी नगर निगम के आयुक्त चिन्मय फूकन के अनुसार परियोजना के लिए उन स्थानों को प्राथमिकता दी गई है, जहां वाहनों की अधिक आवाजाही के कारण प्रदूषण की समस्या रहती है। उन्होंने बताया कि अधिक वाहन उत्सर्जन वाले क्षेत्रों की पहचान कर उन्हें इस योजना में शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य शहर के व्यस्त यातायात क्षेत्रों में हरियाली बढ़ाना और पर्यावरण को बेहतर बनाना है।
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार जीएस रोड स्थित सुपरमार्केट पुलिस प्वाइंट पर लगभग 10,000 वर्गफुट क्षेत्र में वर्टिकल गार्डन विकसित करने की योजना है। सुपरमार्केट और आर्यनगर में चल रहे कार्यों को आगामी दुर्गापूजा से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए काम में तेजी लाई जा रही है।
वर्टिकल गार्डन की विशेषता यह है कि इन्हें विकसित करने के लिए अतिरिक्त जमीन की अधिक आवश्यकता नहीं होती। शहरों में उपलब्ध दीवारों, खंभों और अन्य ऊर्ध्वाधर ढांचों का उपयोग करके सीमित स्थान में हरियाली बढ़ाई जा सकती है। ऐसे उद्यान वातावरण में धूल के कुछ कणों को रोकने और आसपास के दृश्य को अधिक आकर्षक बनाने में सहायक हो सकते हैं। हालांकि इनका वास्तविक पर्यावरणीय लाभ पौधों की प्रजातियों, उनके घनत्व और नियमित रखरखाव पर निर्भर करता है।
गुवाहाटी में बढ़ते शहरीकरण, वाहनों की संख्या और कंक्रीट के निर्माण के बीच यह परियोजना सार्वजनिक स्थानों पर हरियाली बढ़ाने का एक प्रयास है। इसके सफल क्रियान्वयन के लिए पौधों की नियमित सिंचाई, देखभाल और रखरखाव की व्यवस्था भी महत्वपूर्ण होगी।
परियोजना पूरी होने के बाद शहर के कई प्रमुख फ्लाईओवरों के नीचे और आसपास का दृश्य बदलने की उम्मीद है। नगर निगम की यह पहल गुवाहाटी के सौंदर्यीकरण के साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

