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Sensex Closing Bell: शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला जारी; 80 हजार के नीचे आया सेंसेक्स, निफ्टी भी 1% टूटा

थर्ड आई न्यूज

नई दिल्ली l फेडरल रिजर्व की ओर से 2025 में ब्याज कटौती की रफ्तार धीमी रखने के एलान के बाद अमेरिकी शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दिखी। इसके असर से गुरुवार को भारतीय बेंचमार्क सूचकांक भी कमजोर पड़ गए। गुरुवार को सेंसेक्स 964.15 (1.20%) अंकों की गिरावट के साथ 79,218.05 पर बंद हुआ। दूसरी ओर, निफ्टी 247.15 (1.02%) अंक टूटकर 23,951.70 पर पहुंच गया I

कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, बैंकिंग और आईटी शेयरों में भारी गिरावट से निराशा :
अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा अगले साल ब्याज दरों में कटौती कम करने के संकेत के बाद वैश्विक शेयर बाजारों में भारी बिकवाली के कारण गुरुवार को शेयर बाजार का सेंसेक्स करीब 965 अंक टूटकर 80,000 के स्तर से नीचे आ गया। विश्लेषकों ने कहा कि इसके अलावा, विदेशी पूंजी निकासी के बीच कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, बैंकिंग और आईटी शेयरों में भारी गिरावट से निराशा और बढ़ गई। लगातार चौथे दिन गिरावट के साथ 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 964.15 अंक या 1.20 प्रतिशत टूटकर 79,218.05 अंक पर बंद हुआ। दिन के कारोबार के दौरान ब्लू-चिप इंडेक्स 1,162.12 अंक या 1.44 प्रतिशत टूटकर 79,020.08 अंक पर बंद हुआ। एनएसई निफ्टी 247.15 अंक या 1.02 प्रतिशत गिरकर 24,000 अंक से नीचे 23,951.70 अंक पर आ गया।

वैश्विक स्तर पर हुई बिकवाली के बाद भारतीय बाजार में व्यापक गिरावट :
जानकारों के अनुसार “अमेरिकी फेड के ब्याज दरों पर सख्त रुख के कारण वैश्विक स्तर पर हुई बिकवाली के बाद भारतीय बाजार में व्यापक गिरावट देखी गई। बैंकिंग और रियल एस्टेट जैसे ब्याज दरों के प्रति संवेदनशील क्षेत्रों को इसका काफी नुकसान उठाना पड़ा।” जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, “हालांकि, ब्याज दर को स्थिर रखने के बैंक ऑफ जापान के फैसले ने अर्थशास्त्रियों को आश्चर्यचकित कर दिया, जिससे बिकवाली दबाव कम करने में मदद मिली। इसके बावजूद, एफआईआई की बिकवाली के बीच निवेशक सतर्क बने रहे, और फार्मा जैसे रक्षात्मक क्षेत्रों की ओर रणनीतिक बदलाव हुआ, जिसका सबूत उनके बेहतर प्रदर्शन से मिलता है।”

एशियाई, यूरोपीय और अमेरिकी बाजारों में भी दिखी गिरावट
30 ब्लू-चिप कंपनियों में से इंफोसिस, बजाज फिनसर्व, जेएसडब्ल्यू स्टील, बजाज फाइनेंस, एशियन पेंट्स, आईसीआईसीआई बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इंफोसिस, टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा सबसे ज्यादा पिछड़े। दूसरी ओर, सन फार्मा, पावर ग्रिड और हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयरों में लाभ रहा। एशियाई बाजारों में सियोल, टोक्यो, शंघाई और हांगकांग में गिरावट रही। यूरोपीय बाज़ार नकारात्मक क्षेत्र में कारोबार कर रहे थे। बुधवार को वॉल स्ट्रीट में भारी गिरावट दर्ज की गई। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 1,316.81 करोड़ रुपये मूल्य की इक्विटी बेची थी। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.08 प्रतिशत गिरकर 73.33 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। बीएसई का सेंसेक्स 502.25 अंक या 0.62 प्रतिशत गिरकर 80,182.20 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी 137.15 अंक या 0.56 प्रतिशत गिरकर 24,198.85 अंक पर बंद हुआ।

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