गौहाटी हाईकोर्ट से पवन खेड़ा को झटका, सीएम शर्मा बोले—4 मई के बाद करेंगे मामले की समीक्षा
थर्ड आई न्यूज
गुवाहाटी I असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने गुवाहाटी हाईकोर्ट द्वारा कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने पर फिलहाल कोई टिप्पणी करने से इनकार किया है। उन्होंने इसकी वजह राज्य में चल रहे विधानसभा चुनाव और लागू आदर्श आचार संहिता को बताया।
पत्रकारों से बातचीत में शर्मा ने कहा कि वह इस मामले पर अभी कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते, क्योंकि चुनावी नियम लागू हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में आगे की कार्रवाई पूरी तरह असम पुलिस पर निर्भर है। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि वे फिर से सत्ता में आते हैं, तो 4 मई के बाद इस मामले की समीक्षा करेंगे।
उन्होंने कहा, “मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता क्योंकि आचार संहिता लागू है। मामले का जो भी परिणाम होगा, वह पूरी तरह असम पुलिस पर निर्भर है। यदि मैं 4 मई के बाद फिर से सत्ता में आता हूं, तो मैं इस मामले की समीक्षा करूंगा।”
यह बयान उस समय आया है जब गौहाटी हाईकोर्ट ने पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया। खेड़ा ने असम में दर्ज एक आपराधिक मामले में गिरफ्तारी से बचाव के लिए अदालत का रुख किया था। यह मामला चुनाव प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री और उनके परिवार को लेकर दिए गए कथित बयानों से जुड़ा है।
बताया जा रहा है कि गुवाहाटी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिए गए बयान को सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने मानहानिकारक और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया था, जिसके बाद इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई और असम पुलिस ने जांच शुरू की।
वहीं कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि यह मामला राजनीतिक रूप से प्रेरित है और चुनाव के दौरान विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद लागू आदर्श आचार संहिता के तहत सरकार और सार्वजनिक पदों पर आसीन व्यक्तियों को राजनीतिक रूप से संवेदनशील मामलों में संयम बरतना होता है।
असम विधानसभा चुनाव के मतों की गिनती 4 मई को निर्धारित है।

