कलश यात्रा के साथ शुरू हुई नानी बाई रो मायरो एवं भक्तमाल कथा, गौशाला परिसर में भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का संगम; 121 महिलाओं ने निकाली भव्य कलश यात्रा
थर्ड आई न्यूज़
गुवाहाटी, 24 मई। सेठ सांवरिया सत्संग समिति के तत्वावधान में रविवार से आठ दिवसीय “नानी बाई रो मायरो” एवं “भक्तमाल कथा” का भव्य शुभारंभ हुआ। आठगांव स्थित श्री गौहाटी गौशाला के वृंदावन गार्डन परिसर में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत श्रद्धा और भक्ति से ओतप्रोत भव्य कलश यात्रा के साथ हुई।
कार्यक्रम से पूर्व गौशाला परिसर स्थित राधाकृष्ण मंदिर में मुख्य कथावाचक गौरव व्यास के सान्निध्य में रेनु-संतोष चौधरी द्वारा धार्मिक ग्रंथों की पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित 121 महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर भव्य कलश यात्रा में भाग लिया। “राधे-राधे” के जयकारों के बीच निकली यह यात्रा गौशाला परिसर की परिक्रमा करते हुए वृंदावन गार्डन पहुंची, जहां महिलाओं ने विधिवत कलश स्थापना की।
समिति के वरिष्ठ सदस्य सुरेंद्र लाठ ने बताया कि प्रथम दिवस की पूजा पंडित प्रकाश शास्त्री के नेतृत्व में रेनु-संतोष चौधरी, रश्मि-विशाल सांगानेरिया, मंजू-राजेश सोनी तथा पूजा-मनोज रूंगटा द्वारा संपन्न कराई गई।

अपराह्न 3 बजे से शुरू हुई कथा में व्यासपीठ से मुख्य कथावाचक गौरव व्यास ने भक्तमाल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आधुनिक जीवन में भौतिक सुख-सुविधाओं की कमी नहीं है, फिर भी मनुष्य के जीवन में शांति का अभाव दिखाई देता है, क्योंकि वास्तविक भक्ति और आध्यात्मिकता से दूरी बढ़ती जा रही है। उन्होंने “नानी बाई रो मायरो” प्रसंग के माध्यम से संत नरसिंह मेहता के प्रारंभिक जीवन और उनकी भक्ति भावना का विस्तार से वर्णन किया।
कथा के दौरान भजनों की मधुर प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। भगवान शंकर की जीवंत झांकी श्रद्धालुओं के आकर्षण का विशेष केंद्र रही। कथा पंडाल श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा और पूरे परिसर में आध्यात्मिक उल्लास का वातावरण बना रहा।
आयोजकों ने बताया कि कथा का आयोजन प्रतिदिन अपराह्न 2:30 बजे से शाम 6 बजे तक किया जाएगा। आयोजन को सफल बनाने के लिए समिति के सभी सदस्य सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं।

