विश्व पर्यावरण दिवस पर होजाई में वरिष्ठ नागरिकों ने किया व्यापक वृक्षारोपण, दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
थर्ड आई न्यूज
होजाई से रमेश मुन्दड़ा
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर होजाई जिले में वरिष्ठ नागरिकों ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का परिचय देते हुए व्यापक वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया। होजाई जिला वरिष्ठ नागरिक संघ के आह्वान पर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में वरिष्ठ नागरिकों ने सार्वजनिक स्थलों पर पौधारोपण कर हरित वातावरण निर्माण का संदेश दिया।
इस अभियान में होजाई सदर वरिष्ठ नागरिक सम्मेलन, राधानगर क्षेत्रीय वरिष्ठ नागरिक सम्मेलन, एक नंबर काकी वरिष्ठ नागरिक सम्मेलन, दलपुखुरी वरिष्ठ नागरिक सम्मेलन तथा दो एवं तीन नंबर काकी वरिष्ठ नागरिक सम्मेलन के सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। विभिन्न स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिकों ने पौधे रोपकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति समाज को जागरूक करने का प्रयास किया।
प्रतिकूल मौसम के बावजूद सुबह से ही जिले के विभिन्न हिस्सों में वरिष्ठ नागरिक उत्साहपूर्वक एकत्र हुए और वृक्षारोपण कार्यक्रम को सफल बनाया। इस दौरान पर्यावरण जागरूकता सभाओं का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्रकृति संरक्षण, वृक्षों के महत्व तथा भावी पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कई प्रकृति-प्रेमी सदस्यों को सम्मान-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि वृक्षारोपण केवल एक दिवस तक सीमित गतिविधि नहीं, बल्कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने की निरंतर जिम्मेदारी है।
होजाई जिला वरिष्ठ नागरिक सम्मेलन के अध्यक्ष कृष्ण कुमार शर्मा एवं सचिव अनुप कुमार बरठाकुर ने सभी क्षेत्रीय शाखाओं और प्रतिभागियों को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिक समाज को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं और इस दिशा में उनका योगदान अनुकरणीय है।
विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित इस सामूहिक वृक्षारोपण अभियान ने समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति सकारात्मक संदेश प्रसारित करने के साथ-साथ प्रकृति के प्रति सामूहिक उत्तरदायित्व की भावना को भी सुदृढ़ किया। जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं और इस दिशा में उनका योगदान अनुकरणीय है।

