जीवन में सफलता और सदाचार के लिए माता-पिता तथा गुरु का सम्मान करना चाहिए-योगी निवृत्ति नाथ

थर्ड आई न्यूज़

गुवाहाटी । श्री राम कथा सत्संग समिति के तत्वावधान में आयोजित संगीतमयी राम कथा के पंचम दिन महाराज श्री ने रामायण की निम्न पंक्तियों को आधार बनाकर बताया:
प्रातकाल उठि कै रघुनाथा।
मातु पिता गुरु नावहिं माथा॥”

इस चौपाई का सारांश यह है कि श्रीराम प्रतिदिन सुबह उठकर सबसे पहले अपने माता-पिता और गुरु का सम्मान करते हैं। यह हमें बड़ों के प्रति आदर, विनम्रता और अच्छे संस्कारों का महत्व सिखाती है। जीवन में गुरु का बड़ा महत्व होता है और गुरु बिना ज्ञान मिलता नहीं है । हनुमान जी ने भगवान सूर्य को अपना गुरु बनाया । जीवन में सफलता और सदाचार के लिए माता-पिता तथा गुरु का सम्मान करना आवश्यक माना गया है।

आज की कथा के यजमान बाबूलालजी सपत्नी ओमप्रकाशजी मोर ने व्यास पूजन किया और महाराजश्री से आशीर्वाद प्राप्त किया ।

राम कथा प्रतिदिन सांय 3.30 बजे से 6.30 बजे तक होती है । श्री राम कथा सत्संग समिति के सदस्यों ने धर्मपरायण लोगो से राम कथा में शामिल होने का आग्रह किया है ।

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