धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने जताया आभार, कहा -असम उनके योगदान को हमेशा याद रखेगा
थर्ड आई न्यूज
गुवाहाटी, 25 जुलाई। असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से कार्यमुक्त होने पर धर्मेंद्र प्रधान के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के प्रभावी क्रियान्वयन और देशभर में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के विस्तार में धर्मेंद्र प्रधान की भूमिका ऐतिहासिक रही है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स (X) पर साझा किए गए संदेश में कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने भारत की शिक्षा व्यवस्था को औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्त करने और भारतीय सभ्यता की मूल भावना को पुनर्स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य किया।
उन्होंने लिखा कि, “केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में उन्होंने अथक परिश्रम करते हुए भारत की सभ्यतागत आत्मा को पुनर्जीवित करने और शिक्षा व्यवस्था को औपनिवेशिक प्रभावों से मुक्त करने का प्रयास किया। राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता राष्ट्र निर्माण में उनके सबसे महत्वपूर्ण योगदानों में से एक के रूप में याद की जाएगी।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भी असम को केंद्र सरकार से सहयोग की आवश्यकता हुई, धर्मेंद्र प्रधान हमेशा राज्य के साथ मजबूती से खड़े रहे। उन्होंने कहा कि उनका मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और सद्भावना व्यक्तिगत रूप से भी उनके लिए अत्यंत प्रेरणादायक रही है।
हाल ही में भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) गुवाहाटी के उद्घाटन का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि धर्मेंद्र प्रधान की दूरदर्शिता और देश के प्रत्येक क्षेत्र तक गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा पहुंचाने की प्रतिबद्धता का परिणाम है। उन्होंने कहा कि “आईआईएम गुवाहाटी का उद्घाटन उनके विजन और समर्पण के कारण संभव हो सका। इसके लिए असम की जनता सदैव उनकी आभारी रहेगी।”
धर्मेंद्र प्रधान के पद छोड़ने पर मुख्यमंत्री ने उनके समर्पण, विनम्रता और राष्ट्रसेवा की भावना के लिए धन्यवाद देते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य, सुखद भविष्य और दीर्घायु की कामना की।
उन्होंने अपने संदेश के अंत में कहा, “धन्यवाद, प्रधान जी। असम आपके स्नेह और राज्य के प्रति आपके योगदान को हमेशा याद रखेगा।”

