अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर धुबड़ी के तेरापंथ भवन में भव्य योग महोत्सव, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश
थर्ड आई न्यूज
धुबड़ी, 21 जून। 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर स्थानीय तेरापंथ भवन में मारवाड़ी सम्मेलन, धुबड़ी शाखा, तेरापंथ युवक परिषद एवं तेरापंथ महिला मंडल के संयुक्त तत्वावधान में एक भव्य एवं प्रेरणादायी योग महोत्सव का आयोजन किया गया। प्रातः 6 बजे से 7 बजे तक आयोजित इस कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठजन, महिलाएं, युवा तथा बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर योग के प्रति अपनी जागरूकता और प्रतिबद्धता का परिचय दिया।
योगमय वातावरण के बीच आयोजित इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य, अनुशासन और सकारात्मक जीवनशैली का संदेश दिया गया। तेरापंथ भवन परिसर में उपस्थित प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से योगाभ्यास कर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को सार्थक रूप से मनाया।
कार्यक्रम का संचालन एवं योग प्रशिक्षण योग प्रशिक्षिका मधु बैंगानी ने किया। उन्होंने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं योग क्रियाओं का अभ्यास करवाते हुए योग के शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक लाभों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्तमान भागदौड़ भरे जीवन में योग केवल स्वास्थ्य का साधन नहीं, बल्कि संतुलित और सकारात्मक जीवन जीने की प्रभावी पद्धति है।
इस अवसर पर ऑल असम बॉडीबिल्डर्स एंड फिटनेस एसोसिएशन के उपाध्यक्ष एवं फिटनेस प्रशिक्षक रेज्जाक खान भी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि स्वस्थ शरीर जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है और नियमित योग, व्यायाम तथा संतुलित जीवनशैली अपनाकर अनेक बीमारियों से बचा जा सकता है। उन्होंने सभी से स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने और योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों से लेकर वरिष्ठ नागरिकों तक सभी आयु वर्ग के लोगों ने पूरे उत्साह और एकाग्रता के साथ योगाभ्यास में भाग लिया। सामूहिक योग साधना का यह दृश्य अत्यंत प्रेरणादायी रहा, जहां सभी ने स्वस्थ और सकारात्मक जीवन का संकल्प लिया।
योग महोत्सव के सफल आयोजन में मारवाड़ी सम्मेलन, धुबड़ी शाखा की ओर से मनोज कुमार नाहटा तथा तेरापंथ युवक परिषद की ओर से भरत बैंगानी ने संयोजक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके कुशल समन्वय और अथक प्रयासों से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
अंत में आयोजक संस्थाओं की ओर से सभी प्रतिभागियों, अतिथियों, प्रशिक्षकों एवं सहयोगकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया। वक्ताओं ने कहा कि योग भारत की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर है, जो शरीर को स्वस्थ, मन को शांत और जीवन को सकारात्मक दिशा प्रदान करती है। उन्होंने सभी से नियमित योगाभ्यास अपनाकर स्वस्थ, सुखी और समृद्ध जीवन की ओर अग्रसर होने का आह्वान किया।

