बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए आगे आए समाजजन, सार्वजनिक भवनों को राहत शिविर बनाने की अपील
थर्ड आई न्यूज़
गुवाहाटी। पूर्वोत्तर प्रदेशीय मारवाड़ी सम्मेलन ने पूर्वोत्तर के विभिन्न राज्यों, विशेषकर ऊपरी असम में आई भीषण बाढ़ पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए समाजबंधुओं, सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं तथा सेवा संगठनों से राहत एवं पुनर्वास कार्यों में सक्रिय सहयोग की अपील की है।
सम्मेलन ने कहा कि बाढ़ के कारण हजारों परिवार अपने घरों से विस्थापित हो चुके हैं और अनेक स्थानों पर भोजन, पेयजल, दवाइयों तथा सुरक्षित आश्रय जैसी मूलभूत आवश्यकताओं का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। ऐसे समय में समाज के सभी वर्गों को मानवीय संवेदनाओं के साथ आगे आकर पीड़ित परिवारों की सहायता करनी चाहिए।
सम्मेलन ने विशेष रूप से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के समीप स्थित समाज के सार्वजनिक भवनों, धर्मशालाओं, ठाकुरबाड़ियों, सामुदायिक भवनों तथा अन्य उपलब्ध परिसरों को अस्थायी राहत शिविर एवं आश्रय स्थल के रूप में उपलब्ध कराने का आग्रह किया है, ताकि प्रभावित परिवारों को सुरक्षित ठहरने की व्यवस्था की जा सके।
इसके साथ ही सक्षम समाजबंधुओं से खाद्य सामग्री, पेयजल, दवाइयों, वस्त्र, स्वच्छता सामग्री तथा अन्य आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराने और आर्थिक सहयोग के लिए भी आगे आने का अनुरोध किया गया है।
पूर्वोत्तर प्रदेशीय मारवाड़ी सम्मेलन ने विश्वास व्यक्त किया कि गुवाहाटी सहित पूर्वोत्तर के विभिन्न नगरों के समाजबंधु इस मानवीय संकट की घड़ी में तन, मन और धन से सहयोग के लिए तत्पर हैं। सम्मेलन ने आश्वस्त किया कि जहां भी आवश्यकता होगी, संगठन पूरी प्रतिबद्धता के साथ राहत एवं सेवा कार्यों में अपना योगदान देगा।
प्रांतीय अध्यक्ष कैलाश काबरा तथा प्रांतीय महामंत्री रमेश कुमार चांडक ने समाज के सभी वर्गों से मानवता को सर्वोपरि रखते हुए सेवा, सहयोग और संवेदना का परिचय देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा होना हम सभी का सामाजिक दायित्व और सच्चा धर्म है।

