कांवड़िया सेवा शिविर में ‘पिता का सम्मान’, सेवा के साथ संस्कारों का दिया संदेश, मारवाड़ी युवा मंच गुवाहाटी ग्रेटर की पहल, पिताओं को सम्मानित कर पौधे किए भेंट

थर्ड आई न्यूज़

गुवाहाटी। सावन के पावन अवसर पर मारवाड़ी युवा मंच की गुवाहाटी ग्रेटर शाखा की ओर से आयोजित तृतीय कांवड़िया सेवा शिविर में इस बार सेवा के साथ पारिवारिक संस्कारों का भी अनूठा संगम देखने को मिला। शिविर के दौरान ‘पिता का सम्मान’ कार्यक्रम आयोजित कर सदस्यों के पिताओं को सम्मानित किया गया और समाज में माता-पिता के प्रति आदर एवं कृतज्ञता का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सचिव सचिन गोयल के स्वागत संबोधन और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। विशिष्ट अतिथि के रूप में भाजपा असम प्रदेश प्रोफेशनल सेल के स्टेट कन्वेनर एवं डेवलपमेंट काउंसिल, असम सरकार के पूर्व उपाध्यक्ष गौरव सोमानी, प्रणाम आयोग के आयुक्त फणीन्द्र (नबा) बुजर बरुआ तथा मारवाड़ी हॉस्पिटल्स के ब्लड सेंटर के लेबोरेटरी डायरेक्टर एवं मेडिकल ऑफिसर डॉ. अतुल कुमार अग्रवाल उपस्थित रहे।

शाखा अध्यक्ष शिव कुमार मौर ने कहा कि कांवड़िया सेवा आस्था के साथ सामाजिक दायित्व का भी माध्यम है। ‘पिता का सम्मान’ कार्यक्रम इसी भावना को परिवार और संस्कारों से जोड़ने का प्रयास है। अतिथियों ने युवाओं से सेवा कार्यों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान करते हुए कहा कि माता-पिता के प्रति सम्मान और कृतज्ञता भारतीय पारिवारिक मूल्यों की महत्वपूर्ण पहचान है।

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण ‘पिता का सम्मान’ रहा। इसके तहत सदस्यों के पिताओं को दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मानित किया गया और स्मृति स्वरूप पौधे भेंट किए गए। आयोजकों के अनुसार पौधा भेंट करने के पीछे पारिवारिक संस्कारों के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना भी उद्देश्य था।

इस अवसर पर अखिल भारतीय मारवाड़ी युवा मंच के नवनियुक्त राष्ट्रीय संयुक्त मंत्री पंकज जालान, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष राहुल अग्रवाल तथा शाखा के पूर्व अध्यक्ष अजीत दासानी, राजेश बजाज, गौतम गोयनका, कमल रांका, पंकज जालान, पंकज भूरा, हितेश चोपड़ा और राम भट्टर सहित कई वरिष्ठ सदस्य उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संयोजन सलाहकार मनीष बोथरा और रॉबिन पेरीवाल के मार्गदर्शन में असीम चौधरी एवं धीरज सुरेका ने किया। शाखा के सदस्यों और कार्यकर्ताओं ने कांवड़ियों की सेवा एवं आतिथ्य में सक्रिय योगदान दिया।

अंत में मनीष बोथरा ने अतिथियों, सम्मानित पिताओं, पूर्व अध्यक्षों, वरिष्ठ सदस्यों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कांवड़िया सेवा के बीच आयोजित ‘पिता का सम्मान’ कार्यक्रम ने भक्ति, सेवा और पारिवारिक संस्कारों को एक सूत्र में जोड़ते हुए आयोजन को विशेष स्वरूप दिया।

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