बंगाईगांव विश्वविद्यालय के प्रथम पूर्व छात्र सम्मेलन में जुटे पुराने विद्यार्थी, नई कार्यकारिणी का गठन,सांसद रोंगोरा नर्जरी ने एलुमनाई हाउस के लिए पांच लाख रुपये देने की घोषणा की
थर्ड आई न्यूज़
बंगाईगांव। बंगाईगांव विश्वविद्यालय के प्रथम पूर्व छात्र सम्मेलन का आयोजन 13 सितंबर को विश्वविद्यालय परिसर स्थित सभागार में किया गया। बंगाईगांव यूनिवर्सिटी एलुमनाई एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित सम्मेलन में बड़ी संख्या में पूर्व छात्रों ने भाग लिया। वर्षों बाद एक मंच पर जुटे पूर्व छात्रों ने अपने छात्र जीवन की स्मृतियां साझा करने के साथ विश्वविद्यालय के शैक्षणिक एवं समग्र विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण, स्मृति तर्पण और पंजीकरण के साथ हुई। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) तरनी डेका और एलुमनाई एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष गोकुल कलिता ने ध्वजारोहण किया। इसके बाद ध्रुव मुखर्जी, महेश कुमार अग्रवाल, गोकुल कलिता और भवानी प्रसाद शर्मा ने स्मृति तर्पण कर विश्वविद्यालय के दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि अर्पित की। असम के लोकप्रिय गायक जुबिन गर्ग को भी श्रद्धांजलि दी गई।
उद्घाटन सत्र में अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित किया। विश्वविद्यालय के सांस्कृतिक विभाग के विद्यार्थियों ने उद्घाटन गीत प्रस्तुत किया। एसोसिएशन के सचिव मृनमय भट्टाचार्य ने स्वागत संबोधन दिया। इस अवसर पर एलुमनाई एसोसिएशन के आधिकारिक मुखपत्र का विमोचन विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. दिनेश दास एवं अन्य अतिथियों ने किया।
कुलपति प्रो. (डॉ.) तरनी डेका और एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष गोकुल कलिता ने अपने संबोधन में विश्वविद्यालय की प्रगति में पूर्व छात्रों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने पूर्व छात्रों से अपने अनुभव, ज्ञान और संसाधनों के माध्यम से विश्वविद्यालय से निरंतर जुड़े रहने का आह्वान किया। प्रथम सत्र का समापन उपाध्यक्ष मीना देवी के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
आम सभा में विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र एवं सांसद रोंगोरा नर्जरी, पूर्व छात्र संघ के पदाधिकारियों और एलुमनाई सेल के संयोजकों को सम्मानित किया गया। सांसद नर्जरी ने विश्वविद्यालय परिसर में निर्माणाधीन एलुमनाई हाउस के लिए पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।
सचिव मृनमय भट्टाचार्य ने सांगठनिक एवं लेखा परीक्षा रिपोर्ट सदन के समक्ष प्रस्तुत की। सदस्यों ने रिपोर्ट पर अपने विचार और सुझाव रखे, जिसके बाद इसे सर्वसम्मति से पारित किया गया। पुरानी समिति को भंग करने की घोषणा के बाद बंगाईगांव यूनिवर्सिटी एलुमनाई एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया।
धीरज दास बने अध्यक्ष :
नवगठित कार्यकारिणी में धीरज दास को अध्यक्ष और मृण्मय भट्टाचार्य को कार्यकारी अध्यक्ष चुना गया। निर्मल राय, महेश कुमार अग्रवाल, डॉ. पदुमी सिंघा, मीना देवी और प्रणब डेका को उपाध्यक्ष बनाया गया। संपा दे को साधारण सचिव, प्रदीप घोष को सचिव (प्रशासन), संजय कुमार घोष को सचिव (संगठन), लखी कांत सूत्रधर को सचिव (प्रचार) तथा मनोरम बनिक्या को कोषाध्यक्ष चुना गया।
कार्यकारिणी सदस्यों में रुबुल हजारिका, अभिजीत राय, प्रकाश आयत्रे, अंकुर दास, हरि प्रसाद नाथ, किशोर शर्मा, सागर कश्यप, मन्ना डे और प्रणिता पाठक को शामिल किया गया। सलाहकार मंडल में गोकुल कलिता, ध्रुवा मुखर्जी, परामानन्द पाटगिरी और बिनु बैश्य को स्थान दिया गया।
बंगाईगांव महाविद्यालय को विश्वविद्यालय का दर्जा मिलने के बाद बंगाईगांव महाविद्यालय पूर्व छात्र संघ का नाम बदलकर बंगाईगांव विश्वविद्यालय पूर्व छात्र संघ किया गया है। नई कार्यकारिणी ने पूर्व छात्रों को एक मंच पर जोड़ने, उनके हितों के लिए काम करने तथा विश्वविद्यालय के शैक्षणिक एवं समग्र विकास में सक्रिय योगदान देने का संकल्प व्यक्त किया।
नवनिर्वाचित एवं निवर्तमान अध्यक्ष ने भी सभा को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय की प्रगति के लिए निरंतर काम करने की प्रतिबद्धता जताई। कार्यक्रम के अंतिम चरण में एलुमनाई सेल के संयोजक एवं विश्वविद्यालय के प्रभारी परीक्षा नियंत्रक भवानी प्रसाद शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन किया। राज्य गीत ‘असम संगीत’ के सामूहिक गायन के साथ सम्मेलन का समापन हुआ।
इस अवसर पर पूर्व छात्रों और अतिथियों के लिए प्रीतिभोज की व्यवस्था भी की गई, जहां पुराने साथियों ने आपस में संवाद किया और छात्र जीवन की यादें साझा कीं।

