उत्तर लखीमपुर ठाकुरबाड़ी में स्वामी राजेंद्र दास देवाचार्य महाराज का दिव्य प्रवचन, सोमवती अमावस्या के महत्व पर डाला प्रकाश
थर्ड आई न्यूज
लखीमपुर । उत्तर लखीमपुर स्थित श्री सीताराम जी ठाकुरबाड़ी मंदिर में सोमवार को आयोजित दिव्य प्रवचन कार्यक्रम में परम पूज्य स्वामी श्री राजेंद्र दास देवाचार्य महाराज ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक संदेश प्रदान किए। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 9 बजे हुआ, जहां मंदिर प्रांगण में भव्य पुष्पवर्षा के साथ स्वामी राजेंद्र दास देवाचार्य महाराज का श्रद्धापूर्वक स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत मंदिर में पूजा-अर्चना से हुई, जिसमें महाराज जी के साथ उपस्थित संतों ने सहभागिता की। इसके उपरांत आयोजित सम्मान समारोह में स्वामी राजेंद्र दास देवाचार्य महाराज को पुष्पमाला, असमिया गमछा, पारंपरिक हराई एवं जापी भेंट कर सम्मानित किया गया। साथउत्तर लखीमपुर ठाकुरबाड़ी में स्वामी राजेंद्र दास देवाचार्य महाराज का दिव्य प्रवचन, सोमवती अमावस्या के महत्व पर डाला प्रकाश ही अन्य संतों का भी असमिया गमछा प्रदान कर अभिनंदन किया गया।
यह सम्मान ठाकुरबाड़ी मंदिर समिति के अतिरिक्त स्थानीय धार्मिक संगठनों, लखीमपुर पौरसभा की अध्यक्षा, जनजातीय सेवा आश्रम तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से किया गया।
अपने प्रवचन में स्वामी राजेंद्र दास देवाचार्य महाराज ने अधिक मास में पड़ने वाली सोमवती अमावस्या के धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने मनुष्य के कर्तव्यों का उल्लेख करते हुए गौ माता की सेवा, ब्राह्मणों का सम्मान, निकटवर्ती देवालयों में दर्शन-पूजन तथा दान-पुण्य करने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने घर में माता-पिता की सेवा एवं पूजा को भी सर्वोच्च धर्म बताया।
महाराज जी ने सूर्य एवं चंद्रमा के प्रति मानव जीवन के संबंध और उनके औषधीय एवं आध्यात्मिक महत्व पर भी विस्तृत जानकारी प्रदान की।
इस अवसर पर सैकड़ों श्रद्धालु पारंपरिक परिधान में उपस्थित होकर प्रवचन का लाभ प्राप्त करते नजर आए। कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए ठाकुरबाड़ी मंदिर समिति ने सभी श्रद्धालुओं, सामाजिक संगठनों एवं सहयोगकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।

