नानी बाई का मायरा देखने उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, कल राधा सहस्त्रार्चन एवं संगीतमय श्री सत्यनारायण कथा के साथ होगा समापन
थर्ड आई न्यूज़
गुवाहाटी, 30 मई। आठगांव स्थित श्री गौहाटी गौशाला के वृंदावन गार्डन प्रांगण में सेठ सांवरिया सत्संग समिति के तत्वावधान में आयोजित आठ दिवसीय नानी बाई रो मायरो संग भक्तमाल कथा के सातवें दिन श्रद्धालुओं की अभूतपूर्व भीड़ उमड़ पड़ी। कथा के प्रमुख आकर्षण नानी बाई के मायरे के आयोजन को देखने के लिए बड़ी संख्या में भक्तजन पहुंचे। खचाखच भरे पंडाल में गाजे-बाजे, भजन-कीर्तन और जयकारों के बीच मायरा भरने की जीवंत प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
व्यासपीठ से कथा का रसपान कराते हुए गौरव व्यास ने नानी बाई रो मायरो के मार्मिक प्रसंग का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भक्त शिरोमणि नरसी मेहता ने जीवन भर अभाव और कठिन परिस्थितियों का सामना किया, लेकिन भगवान श्रीकृष्ण के प्रति उनका विश्वास कभी डगमगाया नहीं। जब पुत्री नानी बाई के मायरे का समय आया और कोई सांसारिक सहारा दिखाई नहीं दिया, तब भक्त की लाज रखने स्वयं भगवान श्रीकृष्ण सांवरिया सेठ के रूप में प्रकट हुए और भव्य मायरा भरकर भक्त एवं भगवान के अटूट संबंध का उदाहरण प्रस्तुत किया।
कथा के दौरान मायरा प्रसंग पर आधारित आकर्षक झांकियों का मंचन किया गया। भगवान श्रीकृष्ण, रुक्मिणी और नरसी मेहता के जीवंत स्वरूपों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। पुष्पवर्षा, संगीतमय भजनों और जयकारों से पूरा कथा परिसर भक्तिरस में डूब गया।
गौरव व्यास ने अपने संदेश में कहा कि नानी बाई रो मायरो केवल एक धार्मिक कथा नहीं, बल्कि विश्वास, समर्पण, सेवा और भक्ति का जीवंत संदेश है। यह प्रसंग हमें सिखाता है कि जो व्यक्ति निष्कपट भाव से भगवान का स्मरण करता है, उसकी सहायता के लिए प्रभु स्वयं किसी न किसी रूप में उपस्थित हो जाते हैं।
आयोजन समिति के सुरेंद्र लाठ ने बताया कि रविवार को इस आठ दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान का समापन होगा। समापन दिवस पर प्रातः राधा सहस्त्रार्चन के उपरांत सुबह 10 बजे से संगीतमय श्री सत्यनारायण कथा का आयोजन किया जाएगा, जिसका वाचन गौरव व्यास द्वारा किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि सातवें दिन की पूजा पंडित प्रकाश शास्त्री के मार्गदर्शन में संतोष-रेनु चौधरी, बाबूलाल-बिमला मोर, संतोष कुमार-रश्मि बजाज, अरविंद-बबीता सरावगी तथा मनोज-पूजा द्वारा संपन्न कराई गई। पुरुषोत्तम मास के अवसर पर आयोजित इस धार्मिक महोत्सव को सफल बनाने में समिति के सभी सदस्यों का सक्रिय सहयोग मिल रहा है।

