होजाई में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 20 दिवसीय कार्यकर्ता विकास वर्ग का भव्य समापन
थर्ड आई न्यूज
होजाई से रमेश मुन्दड़ा
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस), असम क्षेत्र द्वारा गीताश्रम, होजाई में आयोजित 20 दिवसीय कार्यकर्ता विकास वर्ग (प्रथम, सामान्य) का रविवार को भव्य एवं प्रेरणादायी वातावरण में समापन हुआ। पूर्वोत्तर भारत के विभिन्न राज्यों से आए 102 स्वयंसेवकों ने इस प्रशिक्षण वर्ग में भाग लिया। समापन अवसर पर स्वयंसेवकों द्वारा प्रस्तुत अनुशासित एवं आकर्षक शारीरिक प्रदर्शन ने उपस्थित जनसमूह को विशेष रूप से प्रभावित किया।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता एवं असम क्षेत्र के बौद्धिक प्रमुख शंकर दास कलिता ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पिछले एक शताब्दी से समाज संगठन और राष्ट्र निर्माण के कार्य में सतत सक्रिय है। उन्होंने कहा कि औपनिवेशिक काल में भारतीय इतिहास, संस्कृति और परंपराओं को विकृत रूप में प्रस्तुत किए जाने के कारण नई पीढ़ी अपने सांस्कृतिक मूल्यों से दूर हुई है। इसके साथ ही पश्चिमी भौतिकवाद, अति-व्यक्तिवाद और उपभोक्तावाद ने समाज एवं परिवार की पारंपरिक संरचनाओं को भी चुनौती दी है।
उन्होंने कहा कि भारत विश्व का सबसे युवा राष्ट्र है और विभिन्न वैचारिक शक्तियां युवाओं को प्रभावित करने का प्रयास कर रही हैं। समाज को जाति, भाषा, क्षेत्र और अन्य संकीर्ण पहचानों के आधार पर विभाजित करने वाली सोच सामाजिक एकता को कमजोर करती है। उन्होंने कहा कि समाज को खंडित करने वाली प्रवृत्तियों से सतर्क रहने की आवश्यकता है।
असम की सामाजिक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कलिता ने कहा कि विविधताओं को संघर्ष का नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक समृद्धि का आधार माना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाषा, क्षेत्र और समुदाय से जुड़े मुद्दों को समाज को बांटने का माध्यम नहीं बनने देना चाहिए। संघ का उद्देश्य ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’, ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ तथा ‘एकं सद् विप्रा बहुधा वदन्ति’ जैसे सनातन मूल्यों के आधार पर समाज को संगठित कर विश्वबंधुत्व और सामाजिक समरसता का वातावरण तैयार करना है।
कार्यक्रम में आशीर्वचन देते हुए मेघालय के पूर्वी खासी हिल्स स्थित पारंपरिक खासी राज्य हिमा खैरिम के उप-राजा हाबापान सिं सियेम ने आशा व्यक्त की कि स्वधर्म आधारित सेंग खासी के प्राचीन उच्च मूल्य समाज और राष्ट्र में शांति, सद्भाव एवं नैतिक चेतना को सुदृढ़ करने में सहायक सिद्ध होंगे।
समापन समारोह में असम के विभिन्न जिलों से हजारों स्वयंसेवक, संघ के हितैषी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। यह वर्ग वर्ग सर्वाधिकारी पी. वी. एस. एल. एन. मूर्ति तथा वर्ग कार्यवाह दिनेश्वर सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में असम क्षेत्र संघचालक डॉ. उमेश चक्रवर्ती भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
राष्ट्रभक्ति, सामाजिक समरसता और भारत को परम वैभव के शिखर तक पहुंचाने के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

