नगांव जिला साहित्य सभा में वरिष्ठ पत्रकार अजय महतो की पुस्तक ‘विधवा विवाह अभिशाप नहीं वरदान’ का लोकार्पण, प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का हुआ सम्मान

थर्ड आई न्यूज

नगांव से जयप्रकाश सिंह

नगांव जिला साहित्य सभा के तत्वावधान में कमलादेवी तोदी भवन में वरिष्ठ पत्रकार एवं कवि अजय महतो द्वारा रचित हिंदी पुस्तक “विधवा विवाह अभिशाप नहीं वरदान” का भव्य लोकार्पण समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर साहित्य, शिक्षा एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

पुस्तक का लोकार्पण करते हुए नगांव जिला साहित्य सभा के अध्यक्ष डॉ. शरत बरकटकी ने कहा कि साहित्य की कोई भाषाई सीमा नहीं होती और यह मानवता के सार्वभौमिक मूल्यों का संवाहक है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम भाषाई सह-अस्तित्व, सांस्कृतिक समन्वय तथा सृजनात्मक साहित्यिक आंदोलन का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

डॉ. बरकटकी ने कहा कि असम साहित्य सभा का प्रमुख उद्देश्य असमिया भाषा एवं साहित्य का संवर्धन करना है, किंतु साथ ही यह संस्था व्यापक साहित्य और संस्कृति के लिए भी एक सशक्त मंच के रूप में कार्य कर रही है। भारत जैसे बहुभाषी देश में अन्य भारतीय भाषाओं के साहित्य का सम्मान करना हमारी सांस्कृतिक उदारता और राष्ट्रीय एकता का परिचायक है।

उन्होंने कहा कि भाषा भिन्न होने के बावजूद साहित्य के मूल्य सार्वभौमिक होते हैं। हिंदी और असमिया साहित्य के मध्य संवाद एवं आदान-प्रदान से अंतरराज्यीय सांस्कृतिक संबंध और अधिक सुदृढ़ होंगे। उन्होंने असमिया साहित्य के प्रचार-प्रसार के लिए अन्य भाषाओं के साहित्यकारों के साथ संवाद और सहयोग की आवश्यकता पर भी बल दिया।

अपने संबोधन में डॉ. बरकटकी ने 1960 के दशक में नगांव क्षेत्र में विधवा विवाह को सामाजिक स्वीकृति दिलाने के लिए उल्लेखनीय योगदान देने वाले समाज सुधारक स्वर्गीय झुमरमल खेतावत को भी स्मरण किया। उन्होंने कहा कि हिंदी भाषा की इस पुस्तक का लोकार्पण विभिन्न भाषाओं और साहित्यिक परंपराओं के बीच एक सशक्त सेतु निर्माण का अवसर प्रदान करता है।

कार्यक्रम का संचालन नगांव जिला साहित्य सभा के सचिव राजीव कुमार हजारिका ने किया। लेखक अजय महतो ने अपनी पुस्तक की रचना-प्रक्रिया, उद्देश्य एवं सामाजिक सरोकारों पर प्रकाश डालते हुए अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार कनक हजारिका तथा नगांव प्रेस क्लब के अध्यक्ष जितेन बरकटकी ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

समारोह में नगांव जिला साहित्य सभा के पूर्व अध्यक्ष थगित महंत, समाजसेवी शावरमल खेतावत, संजय गाड़ोदिया, शिक्षा अधिकारी श्रुतिमाला सैकिया, पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय, नगांव के प्रधानाचार्य अपूर्व कुमार दास, मारवाड़ी सम्मेलन, नगांव शाखा के अध्यक्ष प्रमोद कोठारी सहित अनेक साहित्यकार, शिक्षाविद् एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के मुख्य संयोजक विनोद खेतावत ने अपने पूर्वजों के सामाजिक एवं शैक्षिक योगदान का उल्लेख करते हुए बताया कि उनके दिवंगत पिता एवं शिक्षाविद् बुधरमल खेतावत की स्मृति में प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इस दौरान मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति-पत्र एवं सम्मान प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।

कार्यक्रम के प्रारंभ में समाज सुधारक झुमरमल खेतावत तथा शिक्षाविद् बुधरमल खेतावत के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर दीप प्रज्वलित किया गया। हेमंत बरदोलोई के उद्घोष के साथ प्रारंभ हुए इस गरिमामय समारोह का समापन जातीय संगीत की मधुर प्रस्तुति के साथ हुआ।

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