बेटी को ट्यूशन के बहाने प्रदर्शन में ले जाया गया था: केशव महंत ने मुख्यमंत्री को दी सफाई
थर्ड आई न्यूज
गुवाहाटी। असम सरकार के मंत्री और असम गण परिषद (एजीपी) के वरिष्ठ नेता केशव महंत ने कथित तौर पर मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा को बताया है कि उनकी बेटी दिविशा महंत को यह जानकारी नहीं थी कि वह गुवाहाटी के चाचल में आयोजित छात्र प्रदर्शन में शामिल होने जा रही है। उनके अनुसार, दिविशा को उसके मित्र ट्यूशन क्लास जाने का कहकर प्रदर्शन स्थल पर ले गए थे।
रिपोर्टों के अनुसार, शुक्रवार को असम विधानसभा की कार्यवाही समाप्त होने के बाद केशव महंत ने इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री से चर्चा की। यह चर्चा उस विवाद के बाद हुई, जिसमें उनकी बेटी के प्रदर्शन में शामिल होने और नारेबाजी करने का वीडियो सामने आया था।
केशव महंत ने कथित तौर पर मुख्यमंत्री को बताया कि दिविशा घर से अपने दोस्तों के साथ ट्यूशन जाने की बात कहकर निकली थी, लेकिन उसे प्रदर्शन स्थल पर ले जाया गया। वहां पहुंचने के बाद वह प्रदर्शन में शामिल हो गई और नारे लगाए। उनका दावा है कि उनकी बेटी को गुमराह किया गया था और उसकी पहले से प्रदर्शन में भाग लेने की कोई मंशा नहीं थी।
गौरतलब है कि प्रदर्शन के वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया। वीडियो में दिविशा महंत छात्र-युवा कार्यकर्ताओं के साथ कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के बैनर तले आयोजित प्रदर्शन में शामिल दिखाई दी थीं। भाजपा नीत असम सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री की बेटी होने के कारण इस घटना को लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में व्यापक चर्चा हुई।
यह प्रदर्शन छात्रों और नागरिक समाज के सदस्यों द्वारा नीट-यूजी 2026 परीक्षा में कथित अनियमितताओं, परीक्षा प्रणाली में सुधार तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में भी आवाज उठाई और नई दिल्ली में आयोजित “चलो संसद” मार्च के दौरान घायल हुए छात्रों के प्रति एकजुटता व्यक्त की।

